Sonbhadra News : ....सरकार ने थामा हाथ तो जनपद की 9827 बेटियों के सजे हाँथ
आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल जनपद सोनभद्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। जिन परिवारों के लिए बेटी का विवाह......

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7:56 PM, August 11, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल जनपद सोनभद्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। जिन परिवारों के लिए बेटी का विवाह आर्थिक चिंता का कारण बन जाता था, उनके लिए सरकार की यह योजना उम्मीद और सहारे का मजबूत माध्यम बनी है। योजना के तहत अब तक जिले में 9827 बेटियों के हाथ पीले कराए जा चुके हैं, जबकि इनके विवाह पर सरकार की ओर से करीब 55.22 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पात्र परिवारों की बेटियों का सामूहिक विवाह शासन की निर्धारित व्यवस्था के तहत कराया जाता है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह के खर्च में सहयोग देकर उन्हें सामाजिक सम्मान के साथ अपनी बेटियों का घर बसाने का अवसर उपलब्ध कराना है। खासतौर पर सोनभद्र के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आर्थिक सहायता एवं विवाह से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इससे परिवारों पर विवाह के खर्च का बोझ कम होता है और वे अपनी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न करा पाते हैं।"
आर्थिक मजबूरी के आगे नहीं रुक रहे बेटियों के सपने -
जिले के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह जहां पहले बड़ी चुनौती हुआ करता था, वहीं सरकारी सहयोग ने इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। सामूहिक विवाह समारोहों के जरिए एक साथ कई परिवारों की बेटियों का विवाह संपन्न कराया जाता है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत के साथ सामाजिक सम्मान भी मिलता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि "वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 250 बेटियों का विवाह योजना के तहत संपन्न कराया जा चुका है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 740 विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है।"
नौ वर्षों में 9827 बेटियों के घर बजी शहनाई -
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में वर्षवार बड़ी संख्या में बेटियों का विवाह कराया गया है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में 305, 2018-19 में 1335, 2019-20 में 424, 2020-21 में 416, 2021-22 में 966, 2022-23 में सर्वाधिक 2180, 2023-24 में 1355, 2024-25 में 1325 और 2025-26 में 1253 बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 250 विवाह हो चुके हैं और 740 का लक्ष्य निर्धारित है।




