जबकि इस सम्बंध में महुआंव, बेलकप, चिरौहुली, मारकुंडी, केवटा, रजधन, पइका, भभाईच, सलखन, कुरुहुल इत्यादि क्षेत्र मुरारी धर, सुरेश चौबे, सोनू दुबे, पिंकू, पांडेय, राजकुमार मिश्रा, राकेश पाण्डेय उर्फ बिंदु पाण्डेय, विनय मिश्रा, राघवेंद्र भारती, बुल्लू यादव, शिवा यादव इत्यादि किसानों ने बताया कि महिनो से नहर मेन्टेनेंस को लेकर बंद हो जाने माह दिसम्बर के दो सप्ताह भी बीत गये लेकिन अभी डिमांड के अभाव में मुख्य सोनपम्प नहर बंद होने से पानी के अभाव में गेहूं की फसल भी प्रभावित हो गई है। दर्जनों बार सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के पश्चात भी अभी तक नहर नहीं चालू किया गया है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रीय प्रबुद्ध किसानों ने जिलाधिकारी से अविलंब मुख्य सोनपम्प नहर चालू कराने की मांग किया है।