Sonbhadra News : व्यापारी संवाद में गूंजी कारोबारियों की आवाज, सचल दल की कार्यशैली और ऑनलाइन व्यापार पर उठे सवाल
राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, कर संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से उरमौरा स्थित होटल वैभव में व्यापारी संवाद...

sonbhadra
7:41 PM, June 8, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• राज्य कर विभाग से व्यापारियों ने मांगी सुविधाएं, जीएसटी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की उठी मांग
सोनभद्र । राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, कर संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से उरमौरा स्थित होटल वैभव में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और विभागीय अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मिर्जापुर मंडल से आए ज्वाइंट कमिश्नर डी0के0 दुबे ने किया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों, ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, ई-वे बिल, कर अनुपालन एवं शासन द्वारा संचालित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भी व्यापारियों एवं उद्यमियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सचल दल द्वारा किसी व्यापारी के मालवाहक वाहन को रोके जाने या पकड़े जाने की स्थिति में व्यापारियों को कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिलती। ऐसे मामलों में सहायता के लिए विभागीय हेल्प डेस्क स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि 50 हजार रुपये से कम मूल्य के सामान लेकर चलने वाले छोटे व्यापारियों के वाहनों को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। साथ ही जीएसटी लागू होने के नौ वर्ष बाद भी वैट (VAT) से संबंधित नोटिस जारी किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपील के लिए पंजीकरण कराने के दौरान व्यापारियों से कई बार शुल्क लिया जाता है, जिस पर भी रोक लगाई जानी चाहिए।
उधर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि राज्य कर विभाग के कार्यालय में व्यापारियों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है और न ही शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने विभाग से तत्काल मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने की मांग की।
कौशल शर्मा ने हाईकोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी व्यापारी का माल एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश जा रहा है तो बीच के प्रदेश में सचल दल द्वारा अनावश्यक रूप से वाहन रोकने या माल सीज करने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में परिवहन वाहनों को रोककर चालकों के मोबाइल फोन और वाहन की चाबी तक ले ली जाती है, जो न केवल असंवैधानिक बल्कि अव्यावहारिक भी है। इस प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद छोटे और मध्यम व्यापारी आर्थिक रूप से अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। दूसरी ओर ऑनलाइन व्यापार ने पारंपरिक कारोबारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलताओं को समझ पाने में असमर्थ छोटे व्यापारी लगातार कारोबार से बाहर हो रहे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों ने विभाग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विभाग और व्यापारियों के बीच आपसी विश्वास मजबूत होता है तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का मार्ग प्रशस्त होता है। व्यापारियों ने कर प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार हितैषी बनाने के लिए अपने सुझाव भी अधिकारियों के समक्ष रखे।
कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर रितेश मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर बी.के. बंसल, असिस्टेंट कमिश्नर सुधीर गौतम, असिस्टेंट कमिश्नर अजय यादव, राज्य कर अधिकारी उपेंद्र कुमार, राज्य कर अधिकारी मनीष कुमार, लेखाकार जुनैद, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक श्रीवास्तव, एस0पी0 सिंह, ध्रुव प्रताप सिंह, सियाराम सिंह, पवन शर्मा, धर्मेंद्र ओझा, भगत सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल, जिला महामंत्री राजेश बंसल, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।




