Sonbhadra News : गाँधी प्रतिमा के नीचे संयुक्त वाम दलों ने धरना देकर मनरेगा योजना बचाने की छेड़ी मुहिम
आज संयुक्त वाम दलों ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गाँधी प्रतिमा के नीचे धरना देकर मनरेगा योजना बचाने की मुहिम के तहत राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा.....

गाँधी प्रतिमा के समक्ष धरना देते संयुक्त वाम दलों के नेता....
sonbhadra
8:33 PM, December 22, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज संयुक्त वाम दलों ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गाँधी प्रतिमा के नीचे धरना देकर मनरेगा योजना बचाने की मुहिम के तहत राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि "जहां कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने कहा कि दुर्भाग्य है कि आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर दुनियां की सबसे बड़ी एतिहासिक योजना "महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट" तत्कालीन यूपीए सरकार ने वाम दलों के पहल पर ही ग्रामीण खेत मजदूरों के हित में पास किया था। जिससे देश में करोड़ों खेत मजदूरों को काम की गारंटी मिली हुई थी। मौजूदा भारत सरकार को महात्मा गांधी से इतनी नफरत है कि मनरेगा को रिप्लेस करके "विकसित भारत-रोजगार एवं आजिविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)" बिल लोकसभा में लाकर कानूनी रूप देकर मनरेगा की हत्या कर रही है। जहाँ पूर्व में मनरेगा एक्ट में 90 प्रतिशत बजट भारत सरकार और 10 प्रतिशत बजट प्रदेश की सरकारें देती थी, उसके ठीक विपरीत "विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) एक्ट" में भारत सरकार को 60 प्रतिशत बजट और प्रदेश की सरकारों को 40 प्रतिशत बजट की ब्यवस्था करनी होगी। प्रान्तीय सरकारें लम्बे -- लम्बे कर्ज में फंसीं हुई हैं, ऐसे में प्रान्तीय सरकारें कुछ भी नहीं कर पायेंगी, भारत सरकार अतिरिक्त धन की व्यवस्था नहीं करेगी। परिणाम होगा कि मनरेगा एक्ट धन के अभाव में अन्तिम सांस लेने लगेगी और भारत सरकार को इस योजना को बन्द करने का आसान बहाना मिल जाएगा, ग्रामीण खेत मजदूर किंकर्तव्यविमूढ़ होकर तमाशा देखता रह जायेगा, उनकी आजीविका छिन जायेगी और भाजपा सरकार की मजदूरों को ग़ुलाम बनाने की योजना सफल हो जायेगी।"
वक्तओं ने कहा कि "विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के स्थान पर G RAM ग बिल को खेत एवं ग्रामीण मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल वापस लिया जाए, मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को बदस्तूर जारी रखा जाए, मनरेगा में भारत सरकार और प्रान्तीय सरकारों द्वारा दिए जाने वाले पुराने बजट व्यवस्था को जारी रखा जाए, खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 600 रुपए प्रतिदिन न्यूनतम गारंटीशुदा मज़दूरी दिया जाए, खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र पूरी हो जाने पर 10000 रुपए प्रति माह पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए, खेत एवं ग्रामीण मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी सुनिश्चित किया जाए, आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बने एक्ट मनरेगा को समाप्त करके लाये जारहे (VB-G RAM G) बिल पर रोक लगाने के साथ ही भाजपा सरकार के "हिन्दू राष्ट्र" बनाने की तरफ आगे बढ़ने की साजिश पर भी अविलम्ब रोक लगाया जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।"
कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड शिव मूर्ति कुशवाहा, कामरेड प्रेमनाथ, कामरेड बसावन गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया और कार्यक्रम का संचालन भाकपा जिला सचिव कामरेड आर0के0 शर्मा ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से कामरेड नंद लाल आर्य, कामरेड सूरेश कोल, कामरेड बच्चा लाल, कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा, कामरेड बाबू लाल भारती, रुप नारायण, कामरेड नोहर, कामरेड राजबली, कामरेड अमरनाथ बिंद, कामरेड दिनेश रजवाड़ा, पप्पू, चंद्रावती, लखराजी देवी, कमली देवी, महेंद्र सिंह, पूनम देवी, मीना देवी, रामराजी देवी, रीता देवी, श्याम नारायण सिंह व भरत लाल आदि सैकड़ों की संख्या में कम्युनिस्ट कार्यकर्ता मौजूद रहे।




