Sonbhadra News : उगा उगा हे सुरुज देव भइल अरघिया के बेर ... जैसे गीतों से गूंज उठे घाट
उगा उगा हे सुरुज देव भइल अरघिया के बेर ... 'हे छठी मइया तोहार महिमा अपार ...' व 'अदिति लेहो मोर अरघिया....जैसे अन्य भक्ति गीतों को गाते हुए महिलाओं ने भगवान सूर्य नारायण को अघ्र्य दिया। उदय होते....

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8:58 AM, November 8, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• उदयाचाली सूर्य को अर्घ्य देकर की पुत्र के दीर्घायु की कामना
सोनभद्र । उगा उगा हे सुरुज देव भइल अरघिया के बेर ... 'हे छठी मइया तोहार महिमा अपार ...' व 'अदिति लेहो मोर अरघिया....जैसे अन्य भक्ति गीतों को गाते हुए महिलाओं ने भगवान सूर्य नारायण को अघ्र्य दिया। उदय होते सूर्य को अघ्र्य देकर संतान के दीर्घायु और परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। एक दूसरे की मांग में सिंदूर भरा और सुहागन रहने का आशीर्वाद दिया। पूजन अर्चन के उपरांत ठेकुआ और अदरक खाकर महिलाओं ने व्रत का पारण किया।
आज डाला छठ की सप्तमी तिथि की भोर भगवान आदित्य से आरोग्यता, यश, वैभव और कीर्ति का आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालु रात तीन बजे से ही घाटों पर पहुंचने लगे थे। भोर की बेला नजदीक आयी तो पानी में कमर तक खड़े होकर हाथ में नारियल लेकर महिलाएं, पुरुष और बच्चे सूर्य भगवान के उदय होने की प्रतीक्षा करने लगे। वहीं बादलों के बीच से भगवान सूर्य नारायण प्रगट हुए तो छठ मैया के जयकारे शुरू हो गए। महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी उन्हें अर्घ्य दिया। महिलाओं ने अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की तो पुरुषों ने भी पद, प्रतिष्ठा और ऐश्वर्य का वरदान प्रभु से मांगा। नवविवाहित महिलाओं में छठ पर्व को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साह दिखायी दिया।
ठेकुआ खाकर किया व्रत का पारण -
छठ पर्व पर निर्जला व्रत करने वाली महिलाओं ने भगवान सूर्य के दर्शन व पूजन करने के बाद अदरक और ठेकुआ का सेवन कर व्रत का पारण किया। इसके बाद लोगों को प्रसाद के रूप में उसे वितरित किया गया। फल व अन्न का दान भी किया।
मांग में भरा सिंदूर -
घाट पर महिलाओं ने एक दूसरे की मांग में सिंदूर भरा। मान्यता है कि सुहाग के प्रतीक सिंदूर को एक दूसरे की मांग में भरने से पति दीर्घायु होते हैं और दांपत्य जीवन खुशहाल रहता है। घाटों पर सास और बहू ने एक दूसरे को सिंदूर तो लगाया ही घर की अन्य महिलाओं ने भी बहुओं की मांग भरी।




