Sonbhadra News : पूर्वजों की विरासत बचाने को सड़क पर उतरे आदिवासी, राहुल-अखिलेश से मांगा समर्थन
आदिवासी बाहुल्य और वनांचल के नाम से मशहूर जनपद सोनभद्र के आदिवासी समाज ने आज जल, जंगल और जमीन पर बढ़ते कॉरपोरेट दबाव के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद कर दिया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप.....

सपा और कांग्रेस जिलाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपते किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता......
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3:21 PM, June 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आदिवासी बाहुल्य और वनांचल के नाम से मशहूर जनपद सोनभद्र के आदिवासी समाज ने आज जल, जंगल और जमीन पर बढ़ते कॉरपोरेट दबाव के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद कर दिया। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में आदिवासी-बनवासी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपकर जंगलों, पहाड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए राजनीतिक समर्थन की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई में खुलकर साथ देने की अपील की।
वहीं ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासी नेताओं ने आरोप लगाया कि विकास और औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए जल, जंगल और जमीन पर कब्जे की कोशिशें तेज हो गई हैं। इससे आदिवासी समाज की आजीविका, संस्कृति, पहचान और अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सोनभद्र का जंगल सिर्फ वन संपदा नहीं बल्कि आदिवासियों के जीवन का है आधार -
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि "सोनभद्र का जंगल केवल वन संपदा नहीं बल्कि यहां के मूल निवासियों के जीवन का आधार हैं। जंगल खत्म होंगे तो जलस्रोत सूखेंगे, पर्यावरण का संतुलन बिगड़ेगा और स्थानीय समुदायों का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने पूर्वजों की विरासत को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।"
कटने नहीं देंगे एक भी पेड़ -
'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान के सह-संयोजक गुलाब चेरो ने कहा कि "जंगल और पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। एक भी पेड़ कटने नहीं दिया जाएगा, चाहे इसके लिए कितना भी बड़ा संघर्ष क्यों न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों का संरक्षण जरूरी है।"
मोर्चा के नगवां ब्लॉक संयोजक विन्दू खरवार ने कहा कि "जंगल आदिवासियों का घर है और उनकी संस्कृति, परंपरा तथा आजीविका का मुख्य स्रोत है। विकास के नाम पर उन्हें उनके घरों और प्राकृतिक संसाधनों से बेदखल करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।"
विकास के नाम पर आदिवासियों को क्या मिला ? -
अभियान के जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने जिले में स्थापित बड़े उद्योगों और परियोजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि "वर्षों से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आज तक यह नहीं बताया गया कि इन परियोजनाओं से कितने स्थानीय आदिवासी युवाओं को स्थायी रोजगार मिला। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ यदि स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंचता तो ऐसे विकास मॉडल पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के लिए आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीनों और जंगलों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।"
सपा और कांग्रेस ने दिया आंदोलन को समर्थन -
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि "जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान और अधिकार हैं। कांग्रेस पार्टी हमेशा आदिवासियों, दलितों, किसानों और वंचित वर्गों की लड़ाई लड़ती रही है। यदि किसी भी परियोजना के नाम पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन किया जाता है तो कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि जंगल और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा केवल आदिवासियों का नहीं बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है।"
वहीं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम निहार यादव ने कहा कि "समाजवादी पार्टी आदिवासियों की भावनाओं और उनके संवैधानिक अधिकारों का पूरा सम्मान करती है। जल, जंगल और जमीन पर पहला हक वहां रहने वाले लोगों का है। यदि किसी भी कॉरपोरेट या परियोजना के माध्यम से स्थानीय लोगों को विस्थापित करने या उनके अधिकार छीनने की कोशिश की गई तो समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक उनकी आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए पार्टी हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी।"
अभियान के समर्थन में जिले के हर व्यक्ति तक जनजागरण करेंगा किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा -
वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जंगलों की कटाई, विस्थापन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के विरुद्ध जिले के हर व्यक्ति तक जनजागरण किया जाएगा और इसे एक वृहद आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
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