Sonbhadra News:आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त होती जा रही पारम्परिक होली गायन की परम्परा, सेवानिवृत हिंदी विभागाध्यक्ष ने जतायी चिंता
आधुनिकता ने त्यौहारों की पुरानी परम्परा को काफ़ी पीछे छोड़ दिया हैं। अब होली में वो पुरानी उल्लास नजर नहीं आती। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो होली एक दिन का औपचारिकता पूरी करने वाला त्योहार बनकर रह गया है।





