Sonbhadra News: चोपन में राम-भरत मिलाप का भावुक दृश्य देख हजारों आंखे हुई नम, भाइयों के प्रेम ने जीत लिया श्रद्धालुओं का दिल
भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान भरत ने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ बड़े भाई के प्रति अपने प्रेम को निभाया, उसकी झलक ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

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1:34 PM, October 22, 2026
घनश्याम पाण्डेय/विनीत शर्मा (संवाददाता )
चोपन (सोनभद्र) । भाई के प्रति प्रेम, त्याग, समर्पण और मर्यादा की ऐसी अनुपम तस्वीर, जिसने हजारों लोगों के दिलों को छू लिया। चोपन बैरियर चौराहे पर बुधवार की रात भरत मिलाप का दृश्य ऐसा साकार हुआ कि पूरा वातावरण भावनाओं और भक्ति से सराबोर हो गया। भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का प्रसंग सामने आते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जब भरत ने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश झुकाया और दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगाया, तो मानो समय ठहर गया। किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े, तो कोई हाथ जोड़कर प्रभु के दर्शन करता नजर आया। हजारों की भीड़ के बीच यह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो त्रेतायुग की कथा सजीव होकर धरती पर उतर आई हो। चोपन बैरियर की रामलीला में भरत मिलाप का यह प्रसंग केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भाईचारे, त्याग और पारिवारिक प्रेम का जीवंत संदेश बन गया। भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान भरत ने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ बड़े भाई के प्रति अपने प्रेम को निभाया, उसकी झलक ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। राम-भरत के गले मिलने के दृश्य ने श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि रिश्तों की असली खूबसूरती अधिकार में नहीं, बल्कि सम्मान, त्याग और निस्वार्थ प्रेम में होती है। बता दे कि मध्य प्रदेश के शहडोल से आई श्री गणेश रामलीला मंडल एवं नाटक कला की 16 सदस्यीय टीम लगातार दूसरे वर्ष चोपन में रामलीला का मंचन कर रही है। मंडल के डायरेक्टर जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र के चोपन में आकर उन्हें अपने घर जैसा माहौल मिलता है। यहां के लोगों का स्नेह और अच्छा वातावरण कलाकारों को बेहतर प्रस्तुति देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मंडल की कोशिश रहती है कि कलाकारों के अभिनय से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का सजीव अनुभव हो। कलाकार भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और भरत के स्वरूप में मंच पर उतरकर दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास करते हैं। वही विश्व हिंदू परिषद के काशी प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख नरसिंह त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, कर्तव्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श आज भी समाज और नई पीढ़ी को संस्कार, सद्भाव तथा कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। भरत मिलाप कार्यक्रम के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों ने आरती उतार धार्मिक परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान चोपन थाना प्रभारी गोपाल गुप्ता, क्राइम इंस्पेक्टर राजेश यादव सहित रामलीला समिति के अध्यक्ष अजय सिंह, मूहेन्द निषाद (कार्यवाहक अध्यक्ष), कामेश्वर विश्वकर्मा (उपाध्यक्ष), महामन्त्री विकास चौबे, कोषाध्यक्ष- सुरेन्द्र पाण्डेय (शवस्थापक)मीडिया प्रमुख एवं मच संचालन- अरविन्द दुबे (सह व्यवस्थापक), कमलेश साहनी (मंत्री1) राकेश मोदनवाल - (रावण प्रमुख) व विनोद साहनी(सहरावण प्रमुख) के अलावा सुरज केशरी, लालजी, अन्नू तिवारी, सुजीत शर्मा, शुशील साहनी, मनमोहन व अन्य लोग मौजूद रहे। वही सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुरक्षा को लेकर पुलिस वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग पर मुस्तैद दिखी। भरत मिलाप की यह भावुक रात श्रद्धालुओं के मन में प्रेम, त्याग और मर्यादा की अमिट छाप छोड़ गई। रामलीला मैदान में गूंजते जय श्रीराम के जयकारों के बीच लोगों ने प्रभु के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।




