Sonbhadra News : यह है सरकारी शिक्षा व्यवस्था का हाल, लम्बी छुट्टी के बाद भी नहीं खुला स्कूल, टीचर गायब तो स्कूल पहुंचे सिर्फ 2 बच्चे
यह तस्वीर करमा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय जुड़वरिया है। जहां आज लम्बी छुट्टी के बाद स्कूल तो खुला लेकिन 11.30 बजे तक टीचर ही नहीं पहुंचे। स्कूल में सिर्फ दो बच्ची और एक रसोईया पहुंची थी।

sonbhadra
12:42 PM, January 16, 2026
संतोष जायसवाल/मनोज कुमार(संवाददाता)
० स्कूल का ताला तक नहीं खुला ठण्ड में बच्चे बाहर बैठे रहे
० पहले दिन न हुई पढाई और न बना खाना
० जर्जर भवन में चलता है स्कूल
करमा (सोनभद्र) । यह तस्वीर करमा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय जुड़वरिया है। जहां आज लम्बी छुट्टी के बाद स्कूल तो खुला लेकिन 11.30 बजे तक टीचर ही नहीं पहुंचे। स्कूल में सिर्फ दो बच्ची और एक रसोईया पहुंची थी। इतनी भीषण ठंड में बच्चों को बाहर बैठने को मजबूर होना पड़ा। क्योंकि टीचर के न पहुंचने की वजह से स्कूल के ताले तक नहीं खुले थे । रसोईया किसी प्रकार जुगाड़ कर दोनों बच्चियों के लिए चटाई की व्यवस्था कर उन्हें बाहर बिठा दिया।
बच्चों ने बताया कि वे कक्षा 4 में पढ़ती हैं लेकिन आज टीचर नहीं आये हैं। जिसकी वजह से वे बाहर बैठे हैं। बाकी बच्चे क्यों नहीं आए, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है ।
वहीं रसोईया का कहना है कि ठण्ड की वजह से बच्चों को बाहर बिठाया गया है। रसोईया ने बताया कि बच्चों ने खाना खाने से मना कर दिया है इसलिए वह खाना नहीं बना रही हैं । वहीं टीचर के ना आने के सवाल पर बताया कि टीचर दूर से आते हैं और वह अभी ट्रेन में है ।
जबकि ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय जर्जर भवन में भगवान भरोसे चल रहा है और बच्चों के साथ खिलवाड़ हो रहा है । ग्रामीण ने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है, यहाँ हमेशा से टीचर के गायब रहने व स्कूल देर से आने का सिलसिला चलता रहता है।
सोनभद्र में शिक्षा व्यवस्था का यह हाल कोई नया नहीं है, स्कूल खुला कि नहीं या किसी अधिकारी को जानकारी तक नहीं हो पाती है और इसी का फायदा टीचर उठाते हैं। यही कारण है कि लोगों का सरकारी स्कूल से मोह भंग हो रहा है और टीचर सिर्फ महीने की तनख्वाह लेकर मौज कर रहे हैं । उन्हें किसी प्रकार की कोई जिम्मेदारी का बोध तक नहीं है।




