Sonbhadra News : इतिहास बनने की राह पर 'रॉबर्ट्सगंज' नाम, सोनभद्र की पहचान को मिलेगा नया आयाम
जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। वर्षों से सदर तहसील के रूप में प्रचलित 'रॉबर्ट्सगंज' नाम अब इतिहास बनने की ओर बढ़.......

जिलाधिकारी चर्चित गोंड......
sonbhadra
5:25 PM, June 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• रेलवे स्टेशन के बाद अब सदर तहसील से हटेगा रॉबर्ट्सगंज नाम
• तहसील और ग्राम नाम परिवर्तन का प्रस्ताव मंडलायुक्त को भेजा गया, ऐतिहासिक पहचान को मिलेगी मजबूती
सोनभद्र । जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। वर्षों से सदर तहसील के रूप में प्रचलित 'रॉबर्ट्सगंज' नाम अब इतिहास बनने की ओर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सदर तहसील का नाम बदलकर ‘सोनभद्र तहसील’ किए जाने तथा ग्राम टाड़ के डौर उर्फ रॉबर्ट्सगंज का नाम परिवर्तित कर केवल ‘ग्राम टाड़ के डौर’ किए जाने का प्रस्ताव मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि सदर विधायक भूपेश चौबे की पहल और शासन स्तर पर हुए प्रयासों के बाद यह प्रक्रिया तेज हुई है। प्रशासन का मानना है कि जनपद के नाम और प्रमुख संस्थानों के नामों में एकरूपता स्थापित होने से सोनभद्र की अलग पहचान और अधिक स्पष्ट होगी।
रेलवे स्टेशन का नाम पहले ही हो चुका है परिवर्तित -
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि "इससे पहले नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज का नाम बदलकर नगर पालिका परिषद सोनभद्र किया जा चुका है। वहीं रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन का नाम भी रॉबर्ट्सगंज से बदलकर सोनभद्र कर दिया गया है। अब सदर तहसील और ग्राम के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। यह मामला वर्ष 2022 से विभिन्न स्तरों पर लंबित था, जिस पर शासन की मंशा और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अब निर्णायक पहल की गई है। प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने के बाद जनपद की पहचान से जुड़ी सबसे बड़ी प्रशासनिक इकाई भी सीधे तौर पर ‘सोनभद्र’ नाम से जानी जाएगी।"
जनभावनाओं को सम्मान, सोनभद्र की पहचान होगी और मजबूत -
नाम परिवर्तन की इस पहल को जनपद की ऐतिहासिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि जब जिला, नगर पालिका, रेलवे स्टेशन और रोडवेज स्टेशन पहले ही सोनभद्र नाम से संचालित हो रहे हैं, तब सदर तहसील का नाम भी उसी अनुरूप होने से प्रशासनिक स्पष्टता बढ़ेगी और जनपद की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त होगी। यह कदम केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं, बल्कि सोनभद्र की ऐतिहासिक अस्मिता को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




