Sonbhadra News : मरीज से कहिए इंतजार करे... इस रूट की सभी एंबुलेंस व्यस्त हैं
वह कैसी सुविधा, जो लोगों के काम न आए। एंबुलेंस सेवा की भी यही स्थिति है, जो कॉल करने के आधे घंटे बाद भी मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। आपात स्थिति में अस्पताल जाने के लिए लोगों को निजी वाहन या...

sonbhadra
5:27 PM, November 10, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । वह कैसी सुविधा, जो लोगों के काम न आए। एंबुलेंस सेवा की भी यही स्थिति है, जो कॉल करने के आधे घंटे बाद भी मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है। आपात स्थिति में अस्पताल जाने के लिए लोगों को निजी वाहन या निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। कई बार जहाँ समय से एम्बुलेंस न मिलने पर कई मरीजों की हालत बिगड़ जाती है, तो वहीं कई मरीजों की मौत भी हो जाती है। बात जनपद सोनभद्र की करें तो यहां ऐसे कई मामले सामने आते रहते हैं।
केस एक -
28 अक्टूबर को अमवार निवासी राजा अपने बुखार से पीड़ित डेढ़ वर्षीय पुत्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सक ने मरीज के मोबाइल से एंबुलेंस की मांग की, लेकिन वह 45 मिनट तक नहीं आई। हालांकि ज़ब 45 मिनट बाद एम्बुलेंस पहुंची तो वह अपने बच्चे को लेकर वाराणसी रवाना हुए। वहीं परिजनों ने एम्बुलेंस सर्विस को कटघरे में खड़ा किया था।
केस दो -
8 नवम्बर को कोन निवासी राजेश सड़क दुर्घटना में घायल अपने 18 वर्षीय पुत्र रोहित को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था जहां दोपहर में डॉक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वहीं मरीज के तिमारदारों ने तत्काल 108 नंबर एम्बुलेंस को कॉल किया लेकिन 40 मिनट तक एम्बुलेंस नहीं आयी और ज़ब आयी एयर मरीज को लेकर चली तो मरीज के तिमारदारों ने एम्बुलेंस के ईएमटी से मरीज को ऑक्सीजन लगाने को कहा जिस पर ईएमटी ने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कही। वहीं थोड़ी दूर जाने के बाद ही मरीज की मौत हो गयी। परिजनों ने एम्बुलेंस सर्विस को लेकर गंभीर आरोप लगाया था।
ये सवाल पूछे जाते हैं -
108 नं0 एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल करने पर पहले तो सवालों की झड़ी लगा दी जाती है। इनमें 'किस जिले से बोल रहे हो', 'किस इलाके से हो', 'तहसील कौन सी है', 'थाना क्षेत्र कौन सा लगता है' आदि सवाल पूछे जाते हैं। इसके बाद एंबुलेंस की लोकेशन जानने के लिए 10 मिनट के लिए कॉल होल्ड कराई जाती है और इसके बाद ज्यादातर लोगों को यह सुनने को मिलता है कि आपकी लोकेशन के आस-पास कोई एंबुलेंस फ्री नहीं है, एक घंटे बाद मिलेगी और कॉल डिस्कनेक्ट।




