Sonbhadra News : छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शिक्षकों क़ो किया गया प्रशिक्षित
आज राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में बच्चों में मानसिक तनाव के चलते होने वाले मानसिक बीमारियों को रोकने के लिए शिक्षकों क़ो प्रशिक्षित किया गया।

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10:12 PM, August 6, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
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सोनभद्र । आज राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में बच्चों में मानसिक तनाव के चलते होने वाले मानसिक बीमारियाँ को रोकने के लिए सीएमओ डॉ0 अश्वनी कुमार के निर्देशन में अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा चयनित जनपद के 24 हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट कालेजों के शिक्षकों को छात्रों में मानसिक रोग के बारे में बताया गया।
प्रशिक्षण की अध्यक्षता कर रहे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार ने कहा कि "बच्चों में मानसिक एवं शारिरिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक है। मानसिक लक्षणों में मन उदास होना, पश्चाताप की भावना, उलझन व घबराहट, पढ़ाई में मन न लगना, स्कूल में अक्सर अनुपस्थित रहना, अक्सर अपने सहपाठियों के साथ मार-पीट करना, अपने सहपाठियों के वस्तुएं चुराना, स्कूल में समायोजन की समस्या, ध्यान केन्द्रित करने की समस्या, होम वर्क को पूरा न करना, अकेले रहना, एक शब्द या वाक्य को बार-बार दोहराना, अक्षर को पहचानने में परेशानी, नशे की लत इत्यादि मानसिक समस्याओं के लक्षण हो सकते है।"
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मोबाइल फोन का बढ़ता दुरूपयोग, पारिवारिक कलह, मनचाही वस्तुओं का न मिलना, अभिभावकों की अत्यधिक अपेक्षाएं, परिवार के बड़े लोगों का साथ न मिलना तथा परीक्षा के उपरान्त छात्रों के मशांनुरूप परिणाम न आना भी कई सारे मानसिक समस्याओं को जन्म दे रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक समस्याओं की काउसंलिंग हेतु मानसिक स्वास्थ्य टीम स्कूलों मे भ्रमण कर मानसिक समस्याओं से ग्रसित छात्रों का पहचान किया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक आशा के क्षेत्र में 9 से 19 वर्ष तक के 4 पीयर एजुकेटर (2 लड़के एवं 2 लड़कियों) को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिनके माध्यम से उनके क्षेत्र में मानसिक समस्या एवं नशे की लत के शिकार किशोर-किशोरियों की पहचान किया जा रहा है। उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर स्थित किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक में इलाज हेतु लाया जा रहा है।
उन्होंने शिक्षकों को संदेश देते हुए कहा कि समस्त छात्रों में आगे बढ़ने और कुछ अच्छा करने की ललक जगाइए। उन्हें सपने दिखाएं कि वे भी अपने जीवन में पढ़ लिखकर अपना बेहतर भविष्य बनाने हेतु सर्वथा समर्थ है।
टेली मानस सेल की स्थापना -
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0अश्वनी कुमार ने बताया कि "मानसिक समस्याओं के इलाज काउंसलिंग हेतु भारत सरकार द्वारा टेली मानस नंबर-14416 (टोल फ्री) जारी किया गया है। जिसके संचालन के लिए मानसिक चिकित्सालय गोरखपुर, वाराणसी एवं बरेली तथा मानसिक चिकित्सालय एवं संस्थान आगरा में टेली मानस सेल की स्थापना की गई है, जो 24 घण्टे संचालित है। किसी भी उम्र का व्यक्ति टेली मानस नंबर पर कॉल कर मानसिक समस्याओं से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकता है।"
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल अधिकारी डॉ0 प्रेमनाथ, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 किर्ति आजाद बिन्द, पीएसडब्ल्यू सौरभ सिंह एवं जिला समन्वयक-आईपीई ग्लोबल संजीत सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहें।




