Sonbhadra News : सहकारी समितियों के औचक निरीक्षण में खुली पोल, डीएम ने 6 सचिवों का रोका वेतन
खरीफ सीजन में किसानों को समय पर डीएपी एवं यूरिया उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। उर्वरक वितरण को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को जनपद की.........

विभिन्न सहकारी समितियों का निरीक्षण करते अधिकारी....
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5:07 PM, July 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । खरीफ सीजन में किसानों को समय पर डीएपी एवं यूरिया उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। उर्वरक वितरण को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार को जनपद की सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान कई समितियों पर गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने छह समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम, एसडीएम तथा विभिन्न जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भ्रमणशील रहकर सहकारी समितियों में डीएपी एवं यूरिया उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रामगढ़ बी-पैक्स (कोन) में खाद वितरण में अनियमितता पाई गई, जबकि अरौली बी-पैक्स, म्योरपुर बी-पैक्स, चोपन बी-पैक्स, कुरहर बी-पैक्स सहित कुल छह समितियां बंद मिलीं, जहां किसानों को डीएपी उर्वरक का वितरण नहीं किया जा रहा था।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
हालांकि निरीक्षण के दौरान अन्य सहकारी समितियों में किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खाद वितरित करते हुए पाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि किसानों को डीएपी एवं यूरिया का वितरण पूरी पारदर्शिता और शासन की गाइडलाइन के अनुरूप किया जाए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि "उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से सहकारी समितियों का निरीक्षण करने तथा खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बिना किसी असुविधा के समयबद्ध ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।"




