Sonbhadra News : बकाया मानदेय को लेकर NHM कर्मियों की हड़ताल शुरु, दूर-दराज से मरीज हुए परेशान
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। तीन महीने से वेतन न मिलने और लगातार हो रही अनदेखी से नाराज एनएचएम कर्मियों ने आज से "नो पे-नो वर्क"....

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6:08 PM, May 21, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• NHM कर्मियों ने 'नो वर्क-नो पे' के तहत शुरू की हड़ताल
सोनभद्र । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। तीन महीने से वेतन न मिलने और लगातार हो रही अनदेखी से नाराज एनएचएम कर्मियों ने आज से "नो पे-नो वर्क" की नीति अपनाते हुए कार्य बहिष्कार और हड़ताल शुरू कर दी। जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में कर्मचारियों ने काम बंद कर शासन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। हड़ताल के पहले दिन ही स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर देखने को मिला।
एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि "जनपद में एनएचएम के तहत वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, डाटा ऑपरेटर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन पिछले तीन महीने से किसी को वेतन नहीं मिला है। आर्थिक संकट के चलते कर्मचारियों के सामने परिवार चलाना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार उच्च अधिकारियों से वेतन भुगतान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने बताया कि संगठन ने पहले ही शासन को चेतावनी दी थी कि यदि 20 मई तक लंबित मानदेय जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे। शासन स्तर पर कोई सुनवाई न होने के बाद प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर जिलेभर में हड़ताल शुरू कर दी गई है।"
वहीं स्टाफ नर्स शिमला कुमारी ने कहा कि "स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन वे अपने बच्चों की फीस, एडमिशन और किताब-कॉपी तक का खर्च नहीं उठा पा रही हैं। घर चलाने के लिए राशन खरीदने में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।"
हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि "कोरोना काल से लेकर अब तक एनएचएम कर्मियों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन आज उन्हीं कर्मचारियों को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।"
वहीं इस हड़ताल के कारण सीएचसी/पीएचसी में आने वाले मरीजों को जांच और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई मरीज बिना उपचार प्राप्त किए ही वापस लौटने को मजबूर हुए।
इस दौरान डॉ0 गणेश प्रसाद, डॉ0 प्रशांत शुक्ला, डॉ0 सौरभ सिंह, अखिलेश, दिनेश, अवनीश, श्वेता, मंजुलता, पुनीता, अंजू, मीना, नेहा, शिमला, प्रमिला, सीता, गुड्डी, मीना पाल, नेहा वर्मा, सूर्यदेव, पंकज सहित बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे।




