बैठक के दौरान मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दोनों ही योजनाएं जनकल्याण से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण पहल हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। मंडलायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया का नियमित मानीटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, कोटेदार, आशा एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें, जिससे पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाए जा सकें। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करें और प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।