Sonbhadra News : श्रीरामलीला-"यदि रघुराई की शरण गए,तो जीते जी तर जाओगे।वर्ना अकाल मृत्यु होगी,बे मौत......
महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर मंचित हो रहे श्रीरामलीला का ग्यारहवाँ दिन

सोनभद्र
1:27 PM, October 1, 2025
धर्मेन्द्र गुप्ता(संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के राजा बरियार शाह खेल मैदान महुली में चल रहे श्रीरामलीला के ग्यारहवें दिन के रामलीला में विभीषण को प्रभु श्रीराम के शरण में आना,रावण अंगद संवाद आदि महत्वपूर्ण प्रसंगों का बड़े ही मार्मिक ढंग से मंचन किया गया।
रामलीला के क्रम में रावण द्वारा अपने भ्राता विभीषण चरण प्रहार कर लंका से निकाल देने के बाद विभीषण प्रभु श्रीराम के शरण में आते हैं।प्रभु श्रीराम सन्धि प्रस्ताव लेकर अंगद को रावण के पास भेजते हैं।जहाँ अंगद और रावण के रावण का संवाद होता है।कुछ बातें रावण को नागवार लगती हैं तथा बध करने का आदेश देता है।परन्तु अंगद कहते हैं कि यदि कोई बीर है तो मेरा पैर जमीं से खिसका दे।यह कहकर अंगद अपने पाँव जमीं पर जमा देते हैं।
रावण दरवार के सभी बीर योद्धा अपनी ताकत आजमाते हैं परन्तु कोई भी अंगद के पाँव हिला तक नही सके।अंत में तक हार कर रावण स्वयं अंगद के पाँव उठाने के लिए आता है तो अंगद अपने पाँव हटा लेते हैं कहते हैं मेरा पाँव क्यों छूते हो।प्रभु के पाँव छुओ,वे तुम्हे अवश्य माफ़ कर देंगे।
"यदि रघुराई की शरण गए, तो जीते जी तर जाओगे।
वर्ना अकाल मृत्यु होगी, बे मौत स्वयं मर जाओगे
यह कहकर अंगद, रावण दरवार में युद्ध का ऐलान कर लौट आते हैं।
इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष अरविन्द जायसवाल,वीरेन्द्र कुमार कन्नौजिया,अमित कुमार,अमानुल्लाह ,मनीष कन्नौजिया,चंद्रभूषण कन्नौ सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




