Sonbhadra News : आदिवासी हितों की अनदेखी पर सपा का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा 9 सूत्रीय ज्ञापन
आदिवासियों के अधिकार, किसानों की समस्याओं, विस्थापन, अवैध खनन और जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर आज समाजवादी पार्टी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के राज्यपाल को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को....

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते सपाई.....
sonbhadra
12:55 PM, July 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आदिवासियों के अधिकार, किसानों की समस्याओं, विस्थापन, अवैध खनन और जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर आज समाजवादी पार्टी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के राज्यपाल को संबोधित 9 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस दौरान सपाइयों ने आरोप लगाया कि अमवार-कनहर परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, धारा-20 की वन भूमि पर वर्षों से रह रहे आदिवासियों को बेदखल न करने, खनन दुर्घटनाओं की सीबीआई जांच कराने, मृत श्रमिकों का एक करोड़ रुपये का बीमा सुनिश्चित करने, किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी व यूरिया उपलब्ध कराने, निजी दुकानों पर खाद की कालाबाजारी रोकने, हर घर जल योजना के नाम पर खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत, आदिवासी बहुल क्षेत्र में विद्यालयों को बंद किए जाने पर रोक, जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जनजाति को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने तथा पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार में कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट हटाने, नगवां और कोन क्षेत्र में बड़ी कंपनियों द्वारा आदिवासियों की जमीन, जंगलों पर कब्जा कर उन्हें बेदखल करने की माँग की साथ ही चेताया कि यदि माँगों पर अमल नहीं हुआ तो सपा व्यापक पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होगी।
अनुसूचित जनजातीय प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव/पूर्व राज्य मंत्री व्यास जी गोंड ने कहा कि "सोनभद्र आदिवासी बहुल जिला होने के बावजूद यहां के मूल निवासियों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर वर्षों से रह रहे आदिवासियों को उजाड़ने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार को उनके अधिकार सुरक्षित करने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदिवासियों का उत्पीड़न नहीं रुका तो व्यापक जनआंदोलन होगा।"
वहीं समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने कहा कि "प्रदेश सरकार की नीतियों से आदिवासी, किसान, मजदूर और गरीब वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगों को लाभ पहुंचाने के लिए आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है, जबकि विस्थापित परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन नहीं होने देगी।"
पूर्व घोरावल विधायक रमेश दुबे ने कहा कि "सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य जनपद होने के बावजूद यहां के मूल निवासियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से लगातार वंचित किया जा रहा है। जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों का अधिकार कमजोर किया जा रहा है, जबकि विस्थापन, वनभूमि, शिक्षा, रोजगार और सिंचाई जैसी मूलभूत समस्याएं वर्षों से जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आदिवासियों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी। यदि सरकार ने ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो पार्टी जनपदभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सरकार को उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करना होगा।"
पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि "प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही, हर घर जल योजना की वजह से गांवों की सड़कें बदहाल हैं और खनन क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।"
इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष विजय यादव, राजेंद्र सिंह पटेल, रविंद्र बहादुर सिंह पटेल, आजाद राय, मो0 शईद कुरैशी, अनिल यादव, रवि कुमार गौड़, प्रमोद कुमार यादव, अनिल प्रधान, अशोक पटेल, सरदार पारब्रह्म सिंह, विजय शंकर जायसवाल, बबलू धागर, अवध नारायण यादव, जुबेर आलम, डॉ0 लोकपति सिंह पटेल, त्रिपुरारी गौड़, डॉ0 के0डी0 सिंह पटेल, सत्यम पांडेय, हिदायत उल्ला खान, प्रमोद, विनीत, सरोज, सूरज मिश्रा, कामरान खान, प्रेमचंद, विवेक पटेल, विमलेश पटेल, राजेश, अमृत लाल यादव मौजूद रहे।




