Sonbhadra News : सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकाल जताया विरोध
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना से आक्रोशित विभिन्न सामाजिक संगठनों और ओम प्रकाश पाण्डेय पैरामेडिकल एंड साइंसेज के छात्र-छात्राओं ने....

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10:31 PM, August 21, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना से आक्रोशित विभिन्न सामाजिक संगठनों और ओम प्रकाश पाण्डेय पैरामेडिकल एंड साइंसेज के छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकाल विरोध जताया और मृतका को श्रद्धांजली अर्पित किया साथ ही हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग किया।
स्थानीय चण्डी होटल तिराहा से बढौली चौराहे तक विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान लोगों ने भारत की बेटी को न्याय दो, देश की बहनों हम शर्मिंदा है तेरे कातिल जिंदा है जैसे नारे से आक्रोश प्रदर्शित किया।
वहीं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि विगत 9 अगस्त को 31 वर्षीय प्रशिक्षु महिला डॉक्टर लोगों की सेवा करते-करते सो गई थी उसे क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी की आखिर रात है, अब वह कभी नहीं उठ पाएगी।उसके साथ की गई दरिंदगी का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अस्पताल के सेमिनार हाल में उसकी डेड बॉडी पूरी तरह नग्न अवस्था में पाई गई उसके गले की हड्डी टूटी हुई थी जननांगों पर गंभीर चोटों के निशान थे और उसके पैर 90 डिग्री पर फैला हुआ था उसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था आप स्वयं अंदाजा लगाइए उस बच्ची के साथ कितनी बर्बरता की गई होगी। उन्होंने आगे कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार 142 करोड़ की आबादी में प्रतिदिन बलात्कार के 86 मामले दर्ज हो रहे हैं देश में 758 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट एवं 412 पास्को न्यायालय बनाए गए हैं आज भी हमारे देश में 283000 बलात्कार के मामले पेंडिंग पड़े हुऎ हैं।
दिलकरन सिंह ने कहा कि इस घटना को पहले आत्महत्या बताया गया था लेकिन पीड़िता के परिवार ने जब शव देखा तो उन्हें इसके दुष्कर्म और हत्या पर शक हुआ इसके बाद पुलिस और प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे यह मामला इतना गंभीर हो गया कि अंततः कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई को जांच सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ है कि महिला डॉक्टर पर दो या तीन लोगों ने हमला किया था और अभी तक इस मामले में 19 लोगों की गिरफ्तारी हुई है इस घटना के बाद कोलकाता और देश के उन हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें विभिन्न समुदाय के लोग भी शामिल हैं एवं न्याय की मांग कर रहे हैं और इस मामले को लेकर राज्य सरकार की आलोचना भी की जा रही है।




