Sonbhadra News : रॉबर्ट्सगंज नगर में बाइपास बनने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को झटका, लोगों ने जताई चिंता- कहीं वाराणसी दालमंडी जैसा हस्र न हो जाय बाजार का
बाइपास बनने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को बड़ा झटका लगा है। जिस बाइपास को शहर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा था, उस प्रस्ताव को मंज़ूरी नहीं मिलने की खबर ने पूरे नगर की नींद उड़ा दी है।

sonbhadra
12:40 AM, December 31, 2025
शान्तनु कुमार
० लोगों ने कहा- आखिर चुनाव के पहले ही क्यों उठता है बाईपास का मुद्दा
० व्यापारी बोले- पहले फ्लाईओवर और अब चौड़ीकरण ने व्यापारियों की चिंता बढ़ाई
० बड़ा सवाल- आखिर इसका क्यों नहीं निकल रहा स्थायी समाधान
सोनभद्र । घोरावल–खलियारी मार्ग पर रॉबर्ट्सगंज नगर में बाइपास बनने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को बड़ा झटका लगा है। जिस बाइपास को शहर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा था, उस प्रस्ताव को मंज़ूरी नहीं मिलने की खबर ने पूरे नगर की नींद उड़ा दी है।
अब यह माना जाने लगा है कि नगर के बीच से सड़क का चौड़ीकरण लगभग तय है। और अगर ऐसा हुआ, तो इसका सीधा असर नगर के पुराने बाज़ार और व्यापार पर पड़ेगा। व्यापारियों को डर है कि यदि चौड़ीकरण नगर के बीच हुआ, तो पूरा बाज़ार उजड़ जाएगा और वर्षों से जमा-स्थापित कारोबार मिट्टी में मिल सकता है।
नगर में चर्चा है कि जब बनारस की दालमंडी उजड़ सकती है, तो रॉबर्ट्सगंज फिर क्या चीज़ है। यही आशंका आज हर दुकानदार, हर परिवार के मन में घर कर गई है।
इसी बीच नगर में यह सवाल भी तेज़ हो गया है कि ऐसे मुद्दे चुनाव के आसपास ही क्यों ज़िंदा हो जाते हैं? चाहे नगर पालिका का चुनाव हो या विधानसभा का, हर बार चौड़ीकरण और बाइपास का मुद्दा उछाला जाता है, लोगों का ध्यान असली समस्याओं से भटका दिया जाता है और चुनाव बीतते ही मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
हकीकत यह है कि अगर जनप्रतिनिधि समय रहते गंभीर होते तो पहले चौड़ीकरण के लिए निशान नहीं लगने देते और दूसरे इतने वर्षों में इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल चुके होते। लेकिन नतीजा यह है कि चौड़ीकरण का जिन्न समय–समय पर बोतल से बाहर निकल आता है, और बाज़ार के लोग आज भी चैन की नींद नहीं सो पाते।
अब यह मुद्दा धीरे-धीरे चुनावी राजनीति का हथियार बन चुका है। नगर में इस डर को ज़िंदा रखकर वोट की राजनीति हो रही है और पिस रही है आम जनता।
फिलहाल जिस तरह के बयान प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सामने आ रहे हैं, उससे नगरवासियों की चिंताएं और बढ़ना स्वाभाविक है।
व्यापारियों का साफ़ कहना है कि पहले फ्लाईओवर और अब चौड़ीकरण, दोनों ही स्थितियों में पूरा मार्केट तबाही की ओर जाएगा। हज़ारों लोग बेरोज़गारी और भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में नगरवासियों और व्यापारियों की एक ही मांग है कि सिर्फ़ आश्वासन नहीं, अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि स्थायी समाधान बताया जाए। ताकि लोग डर और अनिश्चितता के साये में नहीं, बल्कि चैन और भरोसे के साथ अपनी ज़िंदगी और कारोबार चला सकें।




