Sonbhadra News : सन्तोषी माता मंदिर के पुनः सौंदर्यीकरण से आस्थावानों में हर्ष
सन 1980 में सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित माता सन्तोषी का यह मंदिर वर्षों बीतने के बाद जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुँच गया था

सोनभद्र
8:42 PM, July 22, 2025
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के अंतर्गत सलैयाडीह गांव में स्थित ऐतिहासिक संतोषी माता मंदिर वर्ष 1980 में सिंचाई विभाग द्वारा ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं के मद्देनज़र निर्माण कराया गया था।निर्माण के समय से ही यह मंदिर गांववासियों के लिए पूजा-अर्चना, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। प्रत्येक शुक्रवार और विशेष पर्वों पर ग्रामीण यहां माता की पूजा कर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त करते थे। किंतु उचित रख-रखाव के अभाव में यह मंदिर धीरे-धीरे जर्जर अवस्था में पहुंच गया।मंदिर की दीवारें टूटी, छत से पानी टपकने लगा और चारों ओर झाड़-झंखाड़ उग आए। इससे मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगभग रुक गया और गांव की सामूहिक धार्मिक गतिविधियां भी मंद पड़ने लगीं।
इस परिस्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि श्री किशु सिंह ने पहल करते हुए ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर के पुनः सौंदर्यीकरण का बीड़ा उठाया। मंदिर की मरम्मत, सफाई, रंग-रोगन और समग्र सौंदर्यीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में चापाकल भी लगाया गया है ताकि मंदिर आने वाले भक्तों को जल की सुविधा मिल सके।
इस संबंध में श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि यह मंदिर हमारे पुरखों की आस्था और परंपरा का प्रतीक रहा है। जब यह मंदिर सिंचाई विभाग द्वारा 1980 में बना था, तभी से यहां पूजा होती रही है। अब इसका फिर से जीर्णोधार होना हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और संतोष का विषय है।”मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य अब अंतिम चरण में है। गांव में पुनः धार्मिक ऊर्जा, उत्साह और श्रद्धा का संचार हो रहा है। ग्रामीणों को विश्वास है कि निकट भविष्य में मंदिर पूर्ण रूप से तैयार होकर पूर्ववत धार्मिक गतिविधियों — जैसे साप्ताहिक पूजा, भजन-कीर्तन, और विशेष पर्व आयोजनों — का केंद्र बनेगा।यह पहल न केवल एक मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी है, बल्कि यह लोक-आस्था, जनसहयोग और प्रभावशाली नेतृत्व की मिसाल भी है।