Sonbhadra News : दो दिनों से बिजली गुल, आक्रोशित उपभोक्ताओं ने किया प्रदर्शन
बभनी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में विगत दो दिनों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया । शुक्रवार को सुबह चौना गांव में लटकती हाई वोल्टेज ग्यारह हजार....

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7:48 PM, October 5, 2024
आर0 के0 (संवाददाता)
सांगोबांध । बभनी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में विगत दो दिनों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया । शुक्रवार को सुबह चौना गांव में लटकती हाई वोल्टेज ग्यारह हजार करेंट में एक महिला के संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गई। जिसका उपचार जिला अस्पताल सोनभद्र में चल रहा है। यह घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने चौना से सांगोबांध क्षेत्र में जाने वाली रूटों की आपूर्ति बाधित कर दिया, जिससे कोंगा,सागो बांध , फरिपान,मनरुटोला, अहीरबुढ़वा, कुडपान , विश्रामपुर, बै ना गांवों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। विद्युत आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र में मोबाइल, इन्वर्टर, कंप्यूटर , समरसेबल आदि सभी उपकरण बंद हो गए हैं। ग्रामीणों को पेयजल की भी भारी कठिनाई हो गई है।
क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों की घोर लापरवाही के कारण हमेशा माह दो माह में किसी न किसी गांव में विद्युत स्पर्श के कारण मौत हो जाती है। बभनी से अहीरबुडवा तक की 11 हजार मुख्य लाइन की स्थिति अत्यंत ही भयानक और जर्जर है। लटकती तारों को देखकर अनुमान लगाना मुश्किल होता है की यही लाइन से दर्जनों गांव की विद्युत आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों ने नए सिरे से तार और पोल के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया मगर स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। शनिवार शाम तक जब आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो सांगोबांध,बैना गांव के ग्रामीणों ने बाजार चौराहों पर प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि यदि विद्युत आपूर्ति तत्काल बहाल नहीं हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।इस संबंध में एस डी ओ शिवम कुमार गुप्ता ने बताया कि ठेकेदार तथा जेई को भेजकर पोल खंभे लगवाकर आपूर्ति बहाल किया जायेगा।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों में दयाशंकर, कामेश्वर प्रसाद, रमेश कुमार, मंशाराम, शिवप्रसाद, काशीनाथ, लक्ष्मण सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकर्षित कराते हुए तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की हैं।




