सांसद छोटेलाल खरवार ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "भाजपा महिला सम्मान और महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक ड्रामा कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है तो सबसे पहले संसद और संगठन में महिलाओं को वास्तविक भागीदारी दे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुद्दों पर भाजपा केवल प्रचार करती है, जबकि जमीन पर महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और सम्मान की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। आज प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार सिर्फ नारेबाजी में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ती रही है। भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने और राजनीतिक विरोध को बदनाम करने के लिए महिला मोर्चा का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है। सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा केवल चुनावी हथियार नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे ईमानदारी से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि महंगाई, बेरोजगारी और असुरक्षा का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर ही पड़ रहा है। उन्होंने अपने समर्थन में पहुंची सपा और कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि महिलाएं अब अन्याय और राजनीतिक उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रही हैं। लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन भाजपा जिस तरह माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।"