Sonbhadra News : नाबालिगों की खरीद-फरोख्त का काले कारोबार को पुलिस ने किया बेनकाब, 25-25 हजार के इनामिया दो मानव तस्कर गिरफ्तार
नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने वाले संगठित मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ सोनभद्र पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹25-₹25 हजार के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी......

पुलिस के हत्थे चढ़े दो मानव तस्कर....
sonbhadra
7:58 PM, July 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• नाबालिग बालिकाओं को कई राज्यों में बेचकर कराते थे जबरन विवाह
• अंतरराज्यीय नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी पुलिस
सोनभद्र । नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने वाले संगठित मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ सोनभद्र पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹25-₹25 हजार के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) यूनिट और रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और पुलिस को उनकी तलाश थी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर रविवार को छपका पावर हाउस के पीछे स्थित एक मकान पर दबिश देकर सुनील दास और रानू बेगम को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25-₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी एक संगठित मानव तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं। गिरोह नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर घर से ले जाता था और उन्हें उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में ले जाकर मोटी रकम लेकर जबरन विवाह कराता था। पीड़िताओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध कई बार अलग-अलग व्यक्तियों को सौंपा जाता था और प्रत्येक सौदे से मिली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह में दलालों, वाहन चालकों और स्थानीय सहयोगियों का नेटवर्क सक्रिय था, जो पीड़िताओं को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने का काम करता था। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर मानव तस्करी के अवैध कारोबार में संलिप्त था।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त और जबरन विवाह कराने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना से जुड़े मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अब इन मोबाइलों की डिजिटल जांच के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों, आर्थिक लेन-देन और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। मानव तस्करी और महिला-बाल अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




