Sonbhadra News : अपहरण का पुलिस ने किया पर्दाफाश, देवरिया से अपहृत युवक बरामद, दो गिरफ्तार
रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र से अपहरण की घटना का पुलिस ने महज तकनीकी सुराग के जरिए सफल अनावरण करते हुए अपहृत मनोज कुमार पाण्डेय को देवरिया से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को.......

पुलिस की गिरफ्त में अपरहणकर्ता......
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9:10 PM, August 23, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र से अपहरण की घटना का पुलिस ने महज तकनीकी सुराग के जरिए सफल अनावरण करते हुए अपहृत मनोज कुमार पाण्डेय को देवरिया से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मामले में तीन अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिनके संबंध में पुलिस साक्ष्य जुटाकर आगे की कार्यवाही में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार से जुड़े मोबाइल नंबर की तकनीकी निगरानी शुरू की।
मोबाइल लोकेशन ने खोला राज -
जांच के दौरान पुलिस को वाहन से संबंधित मोबाइल नंबर की लोकेशन देवरिया के तरकुलवा थाना क्षेत्र में मिली। इसकी जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को देते हुए रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने तरकुलवा पुलिस से संपर्क किया। इसी बीच तरकुलवा पुलिस ने संदिग्धों और अपहृत व्यक्ति को पथरदेवा चौकी के पास रोक लिया। सूचना मिलते ही रॉबर्ट्सगंज पुलिस टीम देवरिया पहुंची और आवश्यक पूछताछ के बाद रायपुर निवासी मनोज कुमार पाण्डेय पुत्र धीरेन्द्र बहादुर पाण्डेय को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे देने का विवाद -
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेन्द्र यादव (28वर्ष) निवासी कसया, कुशीनगर और शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव (48वर्ष) निवासी तरकुलवा, देवरिया के रूप में हुई है। वहीं पुलिस के मुताबिक पूछताछ में शिवआसरे ने बताया कि उसकी मुलाकात मनोज कुमार पाण्डेय से वर्ष 2024 में पटना में हुई थी। आरोप है कि मनोज ने उसकी पुत्री की रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ली थी। नौकरी न लगने और रकम वापस न किए जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। आरोपी के अनुसार वह अपने दामाद जितेन्द्र यादव और अन्य साथियों के साथ रकम मांगने मनोज के पास आया था। रकम वापस न करने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मनोज को स्विफ्ट कार में बैठाकर ले जाया जा रहा था, तभी तरकुलवा पुलिस ने वाहन को रोक लिया।
तीन अन्य नाम भी आए सामने -
पूछताछ में पुलिस के सामने बृजेश यादव निवासी तुर्कपट्टी कुशीनगर, सिपाही यादव निवासी कसया कुशीनगर और संगम गौड़ निवासी कसया कुशीनगर की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इनके संबंध में साक्ष्य जुटा रही है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।




