सोनभद्र । जनपद सोनभद्र की एक मात्र नगर पालिका रावर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के खिलाफ अब आम लोगों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है । बरसात होते ही नगर के कई वार्ड पूरी तरह से जलमग्न हो जा रहे हैं लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है, इसका कोई उपाय नहीं सोच रहा । जलभराव से जहां बरसात का पानी घरों में घुस कर घरों कर फर्नीचर व दीवारों को खराब कर रहे हैं वहीं बरसात में फिजूल नाली निर्माण ने लोगों का गुस्सा और भी बढ़ा दिया । इन्हीं सब मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता कर जमकर नगर पालिका, सड़क निर्माण कम्पनी उपसा व जिला प्रशासन पर अपना गुस्सा निकाला । व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि नगर पालिका सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाह रहा है और और सिर्फ दो लाइन का पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारी से छुटकारा पाना चाहता है । जो नाले का निर्माण किया गया इसकी डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) ही संदिग्ध है डीपीआर किसी भी परियोजना का ब्लूप्रिंट खाका है जिससे उसकी उपयोगिता, लागत, लाभ, व्यवहारिता सिद्ध की जाती है डीपीआर रोड मैप की तरह काम करता है इसमें काम शुरू होने से लेकर पूरा होने तक की सभी प्रक्रियाएं समय सीमा जिम्मेदारियां एवं चरणवार कार्रवाई लिखी होती है। उन्होंने कहा कि उल्लेखनीय है कि नाले का यह यह प्रोजेक्ट बढौली चौराहे से लेकर इस नाले को हिंदवारी बेलन नदी में गिराना था लेकिन इस प्रोजेक्ट को डाइवर्ट कर दिया गया एवं नगर में बनाया गया नाला सफेद हाथी साबित हो रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में नाली के गंदे पानी को सीधे पकरी जाने वाले नहर में गिराया जा रहा है जो अत्यंत बदबूदार है। यह पानी सिंचाई एवं पशुओं के पीने में उपयोग होता है जिससे संक्रामक बीमारियां भी फैल सकती है एवं पशु मर भी सकते हैं । आदर्श नगरपालिका में गंदगी एवं जल जमाव के कारण मच्छर के लार्वा पनपने एवं संक्रामक रोग फैलने की पूरी पूरी आशंका बनी हुई है प्लाई ओवर के नीचे गंदगी का अंबार लगा है।