Sonbhadra News : विधायक विहिन रह गयी दुद्धी की जनता, सदन में नहीं उठ सके अहम मुद्दे..
विधायक विहिन रह गयी दुद्धी की जनता, सदन में नहीं उठ सके अहम मुद्दे

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sonbhadra
4:10 PM, October 2, 2026
विधायक विहिन रह गयी दुद्धी की जनता, सदन में नहीं उठ सके अहम मुद्दे
० कई वादे और मुद्दे आज भी हासिये पर ०
जनता बोली- न जाने किसकी लग गयी नजर ?
रमेश (संवाददाता )
दुद्धी (सोनभद्र) । यूँ तो सोनभद्र में चार विधानसभा है, घोरावल, रावर्ट्सगंज, ओबरा और दुद्धी। जिसमें ओबरा और दुद्धी रिजर्व सीट है। मगर सन् 2022 के बाद दुद्धी विधानसभा पर न जाने किसकी नजर लग गयी कि विधानसभा की जनता विधायक विहीन हो गया। आदिवासी बाहुल्य और औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अपनी विशेष पहचान रखने वाली दुद्धी विधानसभा सीट पिछले लगभग पांच वर्षों से राजनीतिक अस्थिरता और दुर्भाग्य का दंश झेल रहा है। कुछ ही महीनों बाद 2027 विधानसभा चुनाव की घोषणा हो जायेगी लेकिन पिछले पांच साल का ज्यादातर कार्यकाल बिना विधायक का ही खत्म हो गया। स्थानीय जनता की बुनियादी समस्याएं और जनहित के मुद्दे आज भी विधानसभा की चौखट तक नहीं पहुंच पाए हैं। पहले निर्वाचित विधायक की सदस्यता निरस्त होने और फिर उप-चुनाव में जीते विधायक के असामयिक निधन के बाद से यह महत्वपूर्ण विधानसभा सीट वर्तमान में रिक्त चल रही है, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं।
डेढ़ साल में ही रद्द हो गई थी पहले विधायक की सदस्यता-
गौरतलब है कि 10 मार्च 2022 को संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर रामदुलार गोंड चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। क्षेत्र की जनता को उम्मीद थी कि डबल इंजन की सरकार में दुद्धी का कायाकल्प होगा। लेकिन एक पुराने आपराधिक मामले में कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद 15 दिसम्बर 2023 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द (समाप्त) कर दी गई। रामदुलार गोंड का कार्यकाल करीब डेढ़ साल का ही रहा, जिसमें वे क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से नहीं उठा सके।
उपचुनाव के विजेता का फिर छूटा साथ, सीट फिर हुई रिक्त
रामदुलार गोंड की सदस्यता जाने के बाद चुनाव आयोग ने 1 जून 2024 को दुद्धी विधानसभा सीट पर उप-चुनाव कराया। इस उप-चुनाव में क्षेत्र के कद्दावर और वरिष्ठ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता विजय सिंह गोंड ने जीत दर्ज की। जनता को लगा कि अब उनके मुद्दों को विधानसभा में आवाज मिलेगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। विधायक विजय सिंह गोंड का 8 जनवरी 2026 को दुखद निधन हो गया। उनके निधन के बाद से दुद्धी विधानसभा सीट एक बार फिर नेतृत्व विहीन और रिक्त चल रही है।
विधानसभा तक नहीं पहुंच सके क्षेत्र के ये बड़े मुद्दे
सदन में जनप्रतिनिधि की अनुपस्थिति के कारण दुद्धी क्षेत्र के कई अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे ठंडे बस्ते में चले गए हैं। जिसमें सबसे प्रमुख और बड़ा मुद्दा दुद्धी को जिला बनाने की मांग थी। भौगोलिक रूप से विशाल और मुख्यालय से दूरी के कारण दुद्धी को अलग जिला बनाने की दशकों पुरानी मांग इस कार्यकाल में भी अधूरी रह गई। जिसके लिए पहले बीजेपी फिर सपा ने जिला बनाने का संकल्प लिया था लेकिन विधायक न होने के कारण मामला ठन्डे बस्ते में चला गया। वहीं कनहर बांध विस्थापितों का दर्द आज भी कहर रहा है। कनहर सिंचाई परियोजना के तहत प्रभावित हुए हजारों विस्थापित परिवारों के पूर्ण और उचित विस्थापन का मुद्दा आज भी अनसुलझा है। विस्थापित बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं।अवैध खनन और जंगलों की कटान के कारण क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर हो रहा अवैध खनन और बेतरतीब ढंग से जंगलों की कटान पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा रहा है, लेकिन मामला सदन में उठाने वाला कोई नहीं है।क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, लचर शिक्षा व्यवस्था और जर्जर सड़कों का मुद्दा इसलिए दम तोड़ रहा है कि कोई प्रतिनिधि नहीं जो अधिकारियों की मनमानी पर लगाम कस सके।
राजनीतिक जानकारों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि सीट रिक्त होने के कारण करोड़ों रुपये की विधायक निधि का समुचित उपयोग जनहित में नहीं होना इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा दुर्भाग्य साबित हुआ है। जो धनराशि क्षेत्र की गलियों, नालियों, पेयजल और अन्य विकास कार्यों में खर्च होनी चाहिए थी, वह जनप्रतिनिधि के न होने से अटकी पड़ी है।
"ऐसे में दुद्धी की जनता अब आगामी सामान्य चुनाव के इंतजार में है, ताकि क्षेत्र को एक स्थिर नेतृत्व मिल सके, जो अब तक के सभी प्रमुख मुद्दों को सदन के पटल पर उठा सके।"




