Sonbhadra News : जनता समस्या से जूझती रही और अधिकारी बारिश बन्द होने का करते रहे इंतजार
इस बारिश ने एक बार फिर बता दिया कि किसी समस्या से निपटने के लिए हमारे जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की तैयारी क्या है और उन पर जनता कितना भरोसा करे ।

sonbhadra
12:16 AM, September 2, 2026
- बारिश ने खोल दी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दावे और तैयारियों की पोल
- जनता बोली- जनप्रतिनिधियों के लिए समस्या मुद्दा बन जाता है
- हर साल समस्या आती रही लेकिन कभी स्थायी समाधान नहीं खोजा गया
शांतनु कुमार
सोनभद्र । आज पूरे जिले में बारिश के बाद जो तस्वीरें सामने आई है वह प्रशासनिक तैयारियों और दावे की पोल खोलकर रख दी। घोरावल के बेलवनिया में तालाब की बन्धी टूटने से 11 परिवारों के घरों में पानी घुस गया। जिसके बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया और परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। कोन के कई इलाकों में जलभराव से आवागमन ठप हो गया है।
सोन नदी में बढ़ते जलस्तर की खबर जनपद न्यूज live में चलने के बाद चोपन के छट घाट के पास शाम को बैरेकेटिंग व चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
वहीं जिला मुख्यालय पर भी हालात बेहद खराब नजर आये। आदर्श नगर पालिका के तैयारियों की भी पोल खुल कर सबके सामने आ गयी। रावर्ट्सगंज नगर हो या फिर धर्मशाला या इमरती कालोनी के पास या छापका, सभी जगह जलभराव से लोग परेशान नजर आये। हाइवे सड़कों पर कई लोगों के वाहन बंद होने से वे अपने वाहन को ढकेलते नजर आये। इस दौरान लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। लोगों का कहना था कि यह समस्या कोई पहली बार नहीं आया है। हर साल यह समस्या आती है और प्रशासन हर बार खानापूर्ति कर चला जाता है, आज तक कोई ठोस उपाय नहीं किये गए। जिससे स्थायी समाधान हो सके।
लोगों का कहना है कि इस बार प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि नगर को जलभराव से मुक्त किया जायेगा । लेकिन आज के हालात बताते हैं कि अधिकारी सिर्फ मीटिंग कर शासन को झूठी रिपोर्ट व आश्वासन देने का काम कर रही है और करोड़ों का बजट पानी की तरह बहा रही है।
कई लोगों का गुस्सा नगर पालिका चेयरमैन पर भी फूटा। उनका कहना है कि चुनाव के समय बड़ी-बड़ी बातें और वादे कर समस्या के समय नदारत हैं। लोगों का कहना है कि जब समस्या आयेगी तो हर कोई दूर बैठकर प्लानिंग करता है और जनता को उनकी समस्या झेलने के लिए छोड़ देता है।
कई महिलाएं विधायक पर खफा दिखी, उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि मुसीबत के समय भाग खड़े होते हैं। उनका कहना है कि सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करना और आश्वसन देना ही काम रह गया है। लगभग 10 साल की सरकार में नगर की समस्या तक खत्म नहीं करा सके।
बहरहाल इस बारिश ने एक बार फिर बता दिया कि किसी समस्या से निपटने के लिए हमारे जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की तैयारी क्या है और उन पर जनता कितना भरोसा करे । जब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी समस्या के वक्त फील्ड पर उतर कर समाधान नहीं ढूढेंगे तब तक यह समस्या हर साल यूँ ही बनी रहेगी।




