Sonbhadra News : बाहर लोग होते रहे परेशान और जनाब कार्यालय में लेट कर चलाते रहे मोबाइल, पढ़ें पूरी खबर
पीएम और सीएम लोगों से अपील कर रहे हैं कि डीजल - पेट्रोल के साथ बिजली की भी बचत करें। लेकिन यह अपील शायद सरकारी महकमें में लागू नहीं होती, तभी तो कर्मचारी कार्यालय में ही पंखे के नीचे आराम कर रहे हैं

sonbhadra
10:26 PM, May 29, 2026
- मामला ARTO कार्यालय का बताया जा रहा
- कार्यालय में बाबू का आराम फरमाते वीडियो वायरल
- वैश्विक संकट में ऐसे हो रही बिजली की बचत
- लोगों का आरोप, बिना दलाल के नहीं होता कोई काम
- लोगों का बड़ा आरोप, कार्यालय के अंदर लिखा है दलालों का प्रवेश वर्जित, बाहर सजी है दुकान
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• कामकाज छोड़ आराम फरमाते दिखे कर्मचारी
• बाबुओं पर 'सेटिंग सिस्टम' चलाने का आरोप
सोनभद्र । देश में वैश्विक संकट को लेकर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक लोगों से अपील कर रहे हैं कि डीजल - पेट्रोल के साथ बिजली की भी बचत करें। लेकिन यह अपील शायद सरकारी महकमें में लागू नहीं होती, तभी तो एक सरकारी कर्मचारी कार्यालय में ही पंखे के नीचे आराम फरमाते नजर आ रहे हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो एआरटीओ कार्यालय लोढ़ी का है। न बिजली बिल की चिंता और न कोई रोक - टोक, कार्यालय को पूरी तरह घर बना दिया गया। हालांकि जनपद न्यूज Live वायरल इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। लेकिन वीडियो देख कर यह अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है कि कार्यालय का माहौल कैसा होगा।
लगभग 19 सेकेंड के वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बाबू कार्यालय के अंदर बनी चौकी पर लेटकर आराम से मोबाइल चलाने में व्यस्त है, जबकि उसी चौकी पर दो अन्य कर्मचारी बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह रही कि बाहर अपने जरूरी कामों को लेकर पहुंचे लोगों की लंबी भीड़ लगी रही, लेकिन कार्यालय के भीतर बैठे कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं दिखा।
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता और बिना ‘सेटिंग’ के फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। लोगों का कहना है कि यहां घंटों लाइन लगाने के बाद भी काम समय से नहीं होता, जबकि कर्मचारी आराम और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं।
लोगों ने सवाल उठाया कि जब कार्यालय समय में जिम्मेदार कर्मचारी चौकी पर लेटकर मोबाइल चलाने में मशगूल रहेंगे तो आम जनता को समय पर न्याय और सुविधा कैसे मिलेगी। वीडियो ने न केवल कार्यालय की कार्यप्रणाली बल्कि पूरे विभागीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीजेपी के नेता भी इस दुर्व्यवस्था और दलाली प्रथा को खत्म करने को लेकर आवाज उठा चुके हैं लेकिन एक कहावत बड़ा चर्चित है कि जब सइयां भय कोतवाल तो डर काहे का...
वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है लेकिन इसके बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी का अब तक कोई बयान नहीं आया है।
स्थानीय लोगों ने मांग किया कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी कार्यालयों की गरिमा बची रहे और लोगों के काम आसानी से हो सके और उन्हें भटकना न पड़े।




