Sonbhadra News : पद्मश्री विजेता सुनीता कृष्णन मानव तस्करी, पीड़ित पुनर्वास और पुलिसिंग पर पुलिसकर्मियों को किया प्रशिक्षित
बुधवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित एक निजी होटल में "पीड़ित केंद्रित न्याय प्रणाली एवं महिला सुरक्षा सम्मेलन" आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पद्म श्री से सम्मानित डॉ0 सुनीता कृष्णन......

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12:54 AM, February 26, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बुधवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित एक निजी होटल में "पीड़ित केंद्रित न्याय प्रणाली एवं महिला सुरक्षा सम्मेलन" आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पद्म श्री से सम्मानित डॉ0 सुनीता कृष्णन उपस्थित रही। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान डॉ0 सुनीता कृष्णन ने मानव तस्करी, महिला सुरक्षा और पीड़ितों के पुनर्वास से संबंधित विषयों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीड़ित केंद्रित न्याय प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करना है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने 'मिशन शक्ति केंद्र' की स्थापना की है।
मुख्य वक्ता डॉ0 सुनीता कृष्णनन ने बताया कि "उन्होंने अब तक लगभग 32,000 से अधिक पीड़ित/पीड़िताओं को चाइल्ड हैरेसमेंट, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से मुक्त कराकर न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता एवं त्वरित न्याय की आवश्यकता पर बल दिया साथ ही उन्होंने बताया कि पीड़ित केन्द्रित न्याय प्रणाली का उद्देश्य केवल अपराध पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़िता को सुरक्षित वातावरण, भावनात्मक सहयोग एवं न्यायिक प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करना भी है।"
कार्यशाला में डॉ0 सुनीता कृष्णन ने पुलिस अधिकारियों को पीड़ितों के प्रति अपनी सोच बदलने और कानूनों को संवेदनशीलता से लागू करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हैदराबाद से आए विशेषज्ञों द्वारा यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि कैसे अपराधी को उसके अपराध का एहसास कराया जाए और पीड़ितों को समाज से अलग-थलग होने से बचाया जाए।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान, धोखाधड़ी और उत्पीड़न जैसे नए अपराध परिदृश्यों पर भी चर्चा की। इसमें इंस्टाग्राम, यूट्यूब और ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से महिलाओं को कैसे वश में किया जा रहा है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। तकनीकी प्रगति के कारण उत्पन्न हुई साइबर-सक्षम अपराधों की समस्या पर भी प्रकाश डाला गया, जो अनपढ़ लोगों के बच्चों को भी प्रभावित कर रही है। पुलिस को वैवाहिक साइटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए निवारक कार्यक्रम चलाने और ऑनलाइन सुरक्षा के तरीकों पर फिल्में दिखाने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सम्मेलन में अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया ने महिला आरक्षियों को निर्देशित करते हुए कहा कि "मिशन शक्ति केन्द्रों पर आने वाली प्रत्येक पीड़िता के साथ सम्मानजनक, गोपनीय एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाए। उन्हें विधिक, चिकित्सीय एवं मनोवैज्ञानिक सहायता हर संभव स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।"
वहीं एसपी अभिषेक वर्मा ने आश्वस्त किया कि "सोनभद्र पुलिस महिला सुरक्षा, पीड़ित सम्मान एवं संवेदनशील पुलिसिंग हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा समाज के सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।"
इस दौरान अहमद अली, पुलिस महानिरीक्षक, विंध्याचल परिक्षेत्र आर0पी0 सिंह, जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह, एसपी सोनभद्र अभिषेक वर्मा, एसपी मिर्जापुर अपर्णा रजत कौशिक, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा, क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पांडेय, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रोवेशन विभाग, वन स्टॉप सेंटर एवं बाल कल्याण समिति के अधिकारीगण सहित वाराणसी जोन के सहित नौ जनपदों के महिला एवं पुरुष अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।



