Sonbhadra News : पांच माह में सिर्फ 11% लक्ष्य पूरा, HPV टीकाकरण अभियान की सुस्त रफ्तार ने बढ़ाई चिंता
आज की बेटी कल की नारी है, और वह स्वस्थ समाज की अनिवार्य कड़ी होती है लेकिन जागरूकता की कमी से हम बेटियों को सर्विकल कैंसर के मुंह में धकेल रहे हैं। महिलाओं की जान लेने के मामले में ब्रेस्ट कैंसर......

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sonbhadra
3:08 PM, July 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज की बेटी कल की नारी है, और वह स्वस्थ समाज की अनिवार्य कड़ी होती है लेकिन जागरूकता की कमी से हम बेटियों को सर्विकल कैंसर के मुंह में धकेल रहे हैं। महिलाओं की जान लेने के मामले में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्विकल कैंसर (गर्भाशय के मुंह का कैंसर) दूसरे नंबर पर है। ऐसे में सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बेटियों को बचाने के लिए शुरू किया गया एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान सोनांचल में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अभियान शुरू हुए करीब पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक 22,567 किशोरियों के लक्ष्य में से महज 11 प्रतिशत को ही टीका लगा सका है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतने महत्वपूर्ण अभियान में अपेक्षित गति क्यों नहीं दिखाई दे रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी एवं 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों का टीकाकरण किया जाना है। यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करने में प्रभावी मानी जाती है लेकिन अब तक मात्र 2445 किशोरियों का ही टीकाकरण किया जा सका है। अभियान की यह धीमी रफ्तार इस बात का संकेत है कि विभाग जमीनी स्तर पर लक्ष्य हासिल करने में सफल नहीं हो पा रहा है।
जागरूकता की कमी या विभाग की लापरवाही -
स्वास्थ्य विभाग अभियान की धीमी प्रगति का कारण जागरूकता की कमी और वैक्सीन को लेकर फैली भ्रांतियों को बता रहा है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि विभाग को पहले से इन चुनौतियों की जानकारी थी, तो व्यापक जनजागरूकता अभियान, स्कूलों और गांवों में विशेष शिविर तथा प्रभावी प्रचार-प्रसार समय रहते क्यों नहीं किया गया?ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बड़ी संख्या में अभिभावक इस टीके के महत्व से अनजान हैं। ऐसे में केवल जागरूकता की कमी का हवाला देना विभाग की जिम्मेदारी से बचने जैसा माना जा रहा है।
तीन कस्तूरबा विद्यालयों तक सीमित रहा अभियान -
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ0 गिरधारी लाल ने बताया कि "अब तक राबर्ट्सगंज, बभनी और म्योरपुर के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की लगभग 300 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकों की निगरानी में अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद लगाया जाता है।उन्होंने बताया कि आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी भ्रम में न आएं और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराएं।"
क्या बोले जिम्मेदार -
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि "एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित टीका है। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए पात्र किशोरियों का समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। विभाग द्वारा आशा, एएनएम और स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में अभियान को और तेज करते हुए लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। अभिभावक किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।"
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ0 गिरधारी लाल ने बताया कि "एचपीवी वैक्सीन केवल 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को चिकित्सकीय निगरानी में अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद लगाई जाती है। यह टीका भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है। विभाग के पास पात्र किशोरियों का पूरा डाटा उपलब्ध है और आशा व एएनएम के माध्यम से घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। जल्द ही अभियान में तेजी लाकर लक्ष्य पूरा किया जाएगा।"




