Sonbhadra News : अब बिना परमिट खनिज ढोना नहीं होगा आसान, 4222 वाहन जीपीएस से लैस
अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहने वाले सोनांचल में अब खनिज विभाग ने परिवहन व्यवस्था पर निगरानी और सख्त करने की कवायद शुरू कर दी है। बिना परमिट और ओवरलोड खनिज परिवह...

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12:29 AM, August 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहने वाले सोनांचल में अब खनिज विभाग ने परिवहन व्यवस्था पर निगरानी और सख्त करने की कवायद शुरू कर दी है। बिना परमिट और ओवरलोड खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिले में खनिज परिवहन करने वाले 4222 वाहनों में जीपीएस लगवाया गया है। अब इन वाहनों की गतिविधियों पर जीपीएस के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
खनिज विभाग की इस व्यवस्था से गिट्टी और बालू के परिवहन में होने वाली मनमानी पर रोक लगाने के साथ ही राजस्व चोरी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। जीपीएस से लैस वाहनों की लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी और यह भी पता लगाया जा सकेगा कि वाहन निर्धारित परमिट वाले स्थान पर ही खनिज का परिवहन कर रहा है या नहीं।
परमिट से हटकर दौड़ा वाहन तो विभाग को मिलेगी जानकारी -
जीपीएस व्यवस्था की खासियत यह है कि वाहन की लोकेशन की लगातार निगरानी की जा सकती है। यदि किसी वाहन का परमिट किसी निर्धारित स्थान के लिए है और वह दूसरे क्षेत्र में खनिज लेकर जाता है तो इसकी जानकारी भी निगरानी व्यवस्था के जरिए सामने आ सकेगी। इससे परमिट की आड़ में होने वाले खनिज परिवहन पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा एक ही वाहन दिनभर में कितने चक्कर लगा रहा है, इसकी जानकारी भी जीपीएस के जरिए जुटाई जा सकती है। इससे खनिज परिवहन की वास्तविक गतिविधियों का रिकॉर्ड तैयार करने में विभाग को सहूलियत होगी।
अवैध खनन और परिवहन पर लगातार उठते रहे हैं सवाल -
सोनभद्र में खनिज संपदा की प्रचुरता के कारण गिट्टी और बालू का बड़े पैमाने पर परिवहन होता है। इसी के साथ जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और बिना परमिट खनिज परिवहन को लेकर भी कार्यवाही होती रही है। ऐसे में 4222 वाहनों पर जीपीएस की निगरानी व्यवस्था खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राजस्व बढ़ाने के साथ निगरानी होगी मजबूत -
जिला खनन अधिकारी कमल कश्यप ने बताया कि खनिज परिवहन करने वाले 4222 वाहनों में जीपीएस लगाया गया है। जीपीएस के माध्यम से इन वाहनों की निगरानी की जा रही है। इससे ओवरलोड और बिना परमिट खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही खनिज परिवहन की निगरानी मजबूत होने से राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।




