Sonbhadra News : स्टेट हाइवे पर अब नहीं चलेगी अवैध पार्किंग, होटल-ढाबों के बाहर सड़कों पर खड़े ट्रकों पर कसेगा पुलिस का शिकंजा
किलर रोड के नाम से कुख्यात वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग पर रॉबर्ट्सगंज से सुकृत के बीच लगातार हो रहे सड़क हादसों ने अब पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालिया हिन्दुआरी हादसे में सड़क किनारे.......

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6:20 PM, August 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । किलर रोड के नाम से कुख्यात वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग पर रॉबर्ट्सगंज से सुकृत के बीच लगातार हो रहे सड़क हादसों ने अब पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालिया हिन्दुआरी हादसे में सड़क किनारे खड़े ट्रक से बाइक टकराने के बाद 20 वर्षीय युवक की मौत ने एक बार फिर सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसों के पीछे सिर्फ वाहन चालकों की लापरवाही ही नहीं, बल्कि ढाबों और होटलों के सामने बेतरतीब खड़े होने वाले भारी वाहनों को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। इसी को लेकर अब पुलिस ने स्टेट हाईवे किनारे संचालित होटल और ढाबों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देश पर सीओ सिटी रणधीर मिश्रा और सीओ यातायात सुधीर कुमार ने बिच्छी स्थित एक होटल में स्टेट हाईवे किनारे संचालित होटल एवं ढाबा संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में सड़क किनारे ट्रकों और अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग से होने वाले हादसों को लेकर संचालकों को जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने संचालकों की समस्याएं और सवाल भी सुने तथा उन्हें व्यवस्था सुधारने के लिए तीन दिन का समय दिया।
ढाबे की कमाई के चक्कर में सड़क न बने मौत का रास्ता -
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि होटल या ढाबे के सामने वाहनों को सड़क पर खड़ा कराना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सड़क पर खड़े भारी वाहनों के कारण पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहन चालकों को कई बार समय रहते वाहन दिखाई नहीं देते और देखते ही देखते भीषण टक्कर हो जाती है। ऐसे हादसों में न केवल वाहन चालक बल्कि दूसरे राहगीर भी असमय मौत के शिकार हो जाते हैं।
सीओ सिटी रणधीर मिश्रा ने कहा कि "सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार पर टूटने वाली मानवीय त्रासदी है। एक हादसे में किसी परिवार का कमाने वाला सदस्य चला जाता है तो बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है और बुजुर्ग सहारे से वंचित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद आर्थिक नुकसान तो होता ही है, लेकिन उससे कहीं बड़ा नुकसान मानसिक और भावनात्मक होता है, जिसका दर्द परिवार वर्षों तक झेलता है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों का सबसे दुखद पहलू यह है कि अधिकांश दुर्घटनाओं को थोड़ी सी सावधानी, जिम्मेदारी और यातायात नियमों के पालन से रोका जा सकता है। इसलिए सड़क सुरक्षा को केवल पुलिस की जिम्मेदारी मानना सही नहीं होगा। वाहन चालक, होटल-ढाबा संचालक और आम नागरिक सभी को इसे सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में लेना होगा।"
सुकृत में सड़क पर खड़े वाहनों को भी दी चेतावनी -
बैठक के बाद सीओ सिटी रणधीर मिश्रा और सीओ यातायात सुधीर कुमार ने सुकृत क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े वाहनों के चालकों तथा होटल-ढाबा संचालकों को भी जागरूक किया। अधिकारियों ने भविष्य में सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात व्यवस्था बाधित नहीं करने की चेतावनी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क किनारे अवैध पार्किंग को लेकर अब केवल समझाइश तक मामला सीमित नहीं रहेगा।
एक लाख से अधिक मौतें बताती हैं कि सड़क दुर्घटना कितना बड़ा है खतरा -
सीओ यातायात सुधीर कुमार ने सड़क हादसों की भयावहता पर चिंता जताते हुए कहा कि "पिछले वर्ष देशभर में सड़क दुर्घटनाओं में एक लाख से अधिक लोगों की मौके पर ही मौत हुई। यह आंकड़ा बताता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहन कई बार खुद दुर्घटना का कारण बन जाते हैं, इसलिए होटल-ढाबा संचालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।"
स्कूली बच्चों को ठूंसकर ले जाने वालों पर भी जल्द चलेगा अभियान -
एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि "जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से स्टेट हाईवे किनारे स्थित होटल और ढाबा संचालकों के साथ जागरूकता बैठक कर उन्हें अपने प्रतिष्ठानों के सामने ट्रकों एवं अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग नहीं कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने कहा कि सड़क किसी की निजी पार्किंग नहीं है। एक वाहन की गलत पार्किंग किसी दूसरे परिवार के लिए मौत का कारण बन सकती है। उन्होंने होटल-ढाबा संचालकों से पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने की अपील की और स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।"
एसपी अभिषेक वर्मा ने यह भी बताया कि "सड़क सुरक्षा को लेकर जल्द ही एआरटीओ के साथ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इसमें टोटो और ऑटो में क्षमता से अधिक, विशेषकर स्कूली बच्चों को ठूंसकर बैठाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।"




