Sonbhadra News : अब गलत दस्तावेजों पर जमानत कराने वालों के खिलाफ दर्ज होगी FIR, एसपी ने गठित किया विशेष सत्यापन सेल
जमानत प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों, तथ्यों को छिपाने और कागजातों में हेरफेर कर न्यायालय से राहत पाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए.......

एसपी अभिषेक वर्मा....
sonbhadra
9:05 AM, May 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जमानत प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों, तथ्यों को छिपाने और कागजातों में हेरफेर कर न्यायालय से राहत पाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सोनभद्र पुलिस ने विशेष जमानत सत्यापन सेल का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जमानत के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले प्रत्येक दस्तावेज की गहनता से जांच की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब तक जमानत के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले भूमि, वाहन अथवा अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित विभागों के माध्यम से कराया जाता था। भूमि संबंधी अभिलेख तहसील और वाहन संबंधी दस्तावेज परिवहन विभाग को भेजे जाते थे, जबकि जमानतदार के निवास का सत्यापन स्थानीय पुलिस करती थी। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर कुछ लोग पूर्व में प्रयुक्त दस्तावेजों अथवा बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों में बंधक रखी गई संपत्तियों के कागजात भी तथ्यों को छिपाकर जमानत के लिए प्रस्तुत कर देते थे।
ऐसी शिकायतों और बढ़ती अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए अब पुलिस विभाग ने भी जमानत संबंधी दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। नवगठित सत्यापन सेल यह सुनिश्चित करेगा कि जमानत के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेज वास्तविक, वैध और अद्यतन हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांची जाएगी कि कहीं किसी संपत्ति को पूर्व में जमानत के लिए उपयोग तो नहीं किया गया है अथवा वह किसी वित्तीय संस्था के पास बंधक तो नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से जमानत प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और न्यायालय के समक्ष गलत जानकारी प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगेगा। अब दस्तावेजों की सत्यता की कई स्तरों पर जांच की जाएगी, जिससे फर्जीवाड़ा करने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि "किसी भी आरोपी या अपराधी को गलत तथ्यों, कूटरचित दस्तावेजों अथवा जानकारी छिपाकर जमानत प्राप्त करने का अवसर नहीं दिया जाएगा। इसके लिए विशेष सत्यापन सेल गठित कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, कूटरचना या जानबूझकर तथ्य छिपाने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"




