एएसपी कालू सिंह ने बताया कि "विवेचकों को ई-साक्ष्य एप में साक्ष्य सुरक्षित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आपराधिक मामलों में पुलिस के लिए अब वीडियोग्राफी करना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत साक्ष्य, घटनास्थल की स्थिति, मौके से बरामदगी आदि की वीडियोग्राफी जरूरी है। इसके लिए ई-साक्ष्य ऐप लांच किया गया है। सात वर्ष से अधिक सजा के मुकदमों के साक्ष्य ई-साक्ष्य एप पर अनिवार्य रूप से सुरक्षित किए जा रहे हैं। आगे अन्य मुकदमों को भी शामिल किया जाएगा। हर विवेचक की अपनी ऑनलाइन आईडी बनाई जा रही है। विवेचक मुकदमा संख्या दर्ज करेंगे। डिजिटल और दस्तावेज साक्ष्य अपलोड कर फाइल सुरक्षित करनी होगी, एफएसएल को भी जोड़ा जाएगा। हार्डकाॅपी के किसी कारण खराब हो जाने या न होने पर मोबाइल पर ई-साक्ष्य एप पर साक्ष्य देखे जा सकेंगे। इनके खराब होने का झंझट भी खत्म हो जाएगा। ई-साक्ष्य ऐप का कैसे प्रयोग करना है, इसमें क्या-क्या प्रावधान है और सावधानियों के साथ-साथ नए कानून आदि के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी गई है, ताकि उन्हें फील्ड में ऐप उपयोग करने में कोई परेशानी न हो साथ ही साथ विवेचना और न्यायालय में सुनवाई के समय इसका लाभ मिलेगा।"