Sonbhadra News : अब पांच वर्ष तक के बच्चों की बनेगी 'बाल आभा आईडी', एक क्लिक पर मिलगी नौनिहालों की मेडिकल हिस्ट्री
स्वास्थ्य विभाग सेहत पर जोर दे रहा है, जहां कई प्रकार की योजनाएं भी संचालित की जा रही है। विभाग की ओर से बच्चों का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कराया जा रहा है, इसमें क्षेत्र की आशा......

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय.......
sonbhadra
2:21 PM, March 13, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । स्वास्थ्य विभाग सेहत पर जोर दे रहा है, जहां कई प्रकार की योजनाएं भी संचालित की जा रही है। विभाग की ओर से बच्चों का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कराया जा रहा है, इसमें क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। इसमें बच्चा गंभीर बीमारी से ग्रसित तो नहीं है आदि जानकारी की जाती है, लेकिन अब विभाग ने बच्चों की बाल आभा आईडी बनाने का निर्णय लिया है। इस आईडी से आपको अपने बच्चों की बीमारी की फाइल रखने की जरूरत नहीं होगी। उनकी बीमारी का पूरा डाटा एक पल में आभा आईडी से मिल जाएगी। इसको कहीं भी खोलकर देखा जा सकता है कि बच्चे को कौन-कौन सी बीमारी है। अभी तक क्या इलाज चल रहा है। कहां-कहां इलाज हुआ। कौन-कौन सी जांच हुई। इसके अलावा, रिपोर्ट में क्या है यह सबकुछ डिटेल मिल जाएगा। इससे पांच वर्ष बाद भी बच्चा बीमार हुआ तो दूसरे डॉक्टर को बच्चों का आगे का इलाज करने में काफी हद तक मदद मिलेगी।
बाल आभा आईडी में सुरक्षित रहेगी नौनिहाल की मेडिकल हिस्ट्री -
अभी तक यह होता रहा है कि बच्चा एक बार बीमार हुआ तो उसे डॉक्टर को दिखाकर इलाज कराया। उन्होंने बच्चे का इलाज किया, जांच कराई और दवा दे दी। बच्चा ठीक भी हो गया। इसके बाद डॉक्टर भी भूल गए और परिवार के लोगों ने उसकी फाइल सुरक्षित नहीं रखी इससे जब बच्चा दोबारा बीमार हुआ और किसी दूसरे डॉक्टर को दिखाया तो उसने नए सिरे से उसकी जांच कराकर इलाज किया। इससे बच्चे की पिछली बीमारी के बारे में उसकी फाइल न रखने के कारण उनको पता नहीं चल पाया। अब ऐसा नहीं होगा। बच्चों की बीमारी का पूरा डाटा रखने के लिए शासन ने आभा आईडी बनाई है। पांच वर्ष तक के बच्चों की बीमारी का पूरा डिटेल इसमें रखा जाएगा। जिससे कभी भी उसकी जरूरत पड़े तो स्वजन उसे निकालकर डॉक्टर को दिखा सकें।
आईडी बनाने से होंगे ये फायदे -
आभा आईडी को बनवाने के कई फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा बच्चे के स्वजन को होगा। जो फाइल गुम होने पर भी इस आईडी के माध्यम से उसकी बीमारी की पूरी जानकारी दूसरे डॉक्टर को दे सकेंगे। इसके साथ ही उन डॉक्टर को भी बच्चे की बीमारी का पूरी डिटेल मिल जाएगा।
यह है आभा आईडी -
आभा आईडी आधार वेस हेल्थ एकाउंट है। अब हर मरीज की आभा आईडी बनाई जा रही है। इस आईडी के माध्यम से मरीज का यूनिक नंबर होगा। जिसके माध्यम से वह देश में कहीं पर भी इलाज कराने जाएगा तो उसकी पूर्व की बीमारी का पूरा डिटेल मिल जाएगा। इसे आईडी के बनने से मरीजों के साथ ही डॉक्टर को भी उसका इलाज करने में मदद मिलेगी।
बोले सीएमओ -
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय ने बताया कि "अब तक सभी मरीजों की आभा आईडी बनाया जा रहा है लेकिन अब पांच वर्ष तक के बच्चों की भी आभा आईडी बनेगी। इसके लिए कवायद शुरू हो चुकी है। इसमें मरीज को एक यूनिक आईडी दी जाएगी। जिसके माध्यम से देश के किसी भी कोने में इलाज कराने पर मरीज की पुरानी बीमारी के बारे में पूरा डिटेल मिल जाएगा।"



