Sonbhadra News : जिम्मेदारियों का समुचित निर्वहन में कमी पर नव दुर्गा पूजा समिति ने बनाया नया अध्यक्ष
नव दुर्गा पूजा समिति के नए अध्यक्ष बने लालमणी शर्मा

सोनभद्र
2:16 PM, October 12, 2026
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। दुद्धी विकास खण्ड के महुली-महुअरिया स्थित नव दुर्गा पूजा समिति में सोमवार, 12 अक्टूबर को नेतृत्व परिवर्तन किया गया। समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लालमणि शर्मा को नया अध्यक्ष चुना गया।
पूर्व अध्यक्ष राजकुमार शर्मा द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का समुचित ढंग से निर्वहन नहीं किए जाने के कारण उनके स्थान पर नए अध्यक्ष के चयन का निर्णय लिया गया। इस बदलाव के साथ ही समिति की बागडोर अब लालमणि शर्मा के हाथों में होगी।
1जानकारी के अनुसार, नव दुर्गा पूजा समिति महुली-महुअरिया की आम बैठक 2 अक्टूबर 2026 को बरगद के पेड़ के पास स्थित मंदिर प्रांगण में हुई थी। उस बैठक में सर्वसम्मति से राजकुमार शर्मा को अध्यक्ष चुना गया था। हालांकि, अध्यक्ष पद की जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किए जाने के कारण समिति में नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता महसूस हुई। इसी क्रम में 12 अक्टूबर को पुनः बैठक आयोजित की गई। विचार-विमर्श के बाद राजकुमार शर्मा के स्थान पर लालमणि शर्मा को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुना गया।
समिति के इस निर्णय का उद्देश्य संगठन की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित बनाना तथा जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करना है। नए अध्यक्ष के नेतृत्व में समिति की गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने, सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की अपेक्षा की जा रही है।
समिति के मुख्य संरक्षक अरविंद जायसवाल, ग्राम प्रधान महुली, पूर्ववत अपने पद पर बने रहेंगे। उनके पद में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 2 अक्टूबर को गठित समिति के अन्य सभी पदाधिकारी एवं सदस्य अपने-अपने पदों पर यथावत बने रहेंगे। बदलाव केवल अध्यक्ष पद पर किया गया है।समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों में अध्यक्ष लालमणि शर्मा, मुख्य संरक्षक अरविंद जायसवाल (ग्राम प्रधान महुली), शेखरार अहमद, बिनोद कुमार, रंजीत कुमार जायसवाल, अनिल हंस, जसवंत शर्मा, भगवान दास, जोगिंदर सिंह एवं ओम प्रकाश शामिल हैं।
अध्यक्ष पद पर हुए इस बदलाव के बाद अब लालमणि शर्मा के नेतृत्व में समिति के आगामी कार्यों और धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। समिति के सदस्यों से आपसी सहयोग, समन्वय और सक्रिय भागीदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की गई है।




