Sonbhadra News : बीमा दावों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, डीएम ने अधिकारियों को लगाई फटकार
कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में डीएम ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस......

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6:44 PM, April 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में डीएम ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को फसल क्षति का मुआवजा अधिकतम 10 कार्य दिवस के भीतर उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पात्र किसानों को समयबद्ध तरीके से क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप कृषि निदेशक ने जानकारी दी कि खरीफ 2025 में जनपद के 19,080 किसानों ने फसल बीमा कराया था, जिसमें से 6,425 किसानों को 826.98 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। वहीं 151 लाख रुपये की धनराशि आधार आधारित प्रक्रिया के कारण अभी लंबित है।
बैठक में बताया गया कि असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि के चलते कुल 11,483 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 8,432 पात्र किसानों को भुगतान किया गया, जबकि 3,051 आवेदन अपात्र पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए।
डीएम ने लंबित दावों के सर्वे में देरी पर नाराजगी जताते हुए सख्त निर्देश दिए कि यदि समय पर सर्वे नहीं किया गया तो सभी 4,764 लंबित दावों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों को शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बैठक में यह भी सामने आया कि खरीफ 2025 में पिछले वर्ष की तुलना में 5,000 से अधिक किसानों ने बीमा कराया है। जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक, इंडियन बैंक को निर्देश दिए कि खरीफ 2026 में अधिक से अधिक केसीसी धारक किसानों का बीमा सुनिश्चित कराया जाए और उनका डाटा समय से पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
इसके साथ ही बीमा कंपनी को ग्राम पंचायत स्तर पर किसान पाठशालाएं, पंपलेट वितरण और बाइक रैली के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।



