‘नव्या’ किशोरियों को न केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण देगी, बल्कि उन्हें आत्मसम्मान, अवसर और सामाजिक भागीदारी की नई ऊँचाइयों तक पहुँचने का मंच भी प्रदान करेगी। ‘नव्या’ एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसे कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से देश के 19 राज्यों के 27 आकांक्षी जिलों में लागू किया जाएगा, ताकि सीमांत क्षेत्रों की बेटियों तक भी समान अवसर पहुंच सकें और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।वर्तमान में यह योजना 9 राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में पायलट परियोजना के रूप में क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना के तहत बेटियों को पीएमकेवीवाई 4.0 के अन्तर्गत गैर-परंपरागत और आधुनिक जॉब रोल्स, जैसे ग्राफिक डिजाइनर, स्मार्टफोन तकनीशियन, ड्रोन असेंबली एक्सपर्ट, इंस्टॉलेशन टेक्नीशियन, और प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्टमें प्रशिक्षित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकलकर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ना भारत सरकार का लक्ष्य है। इससे बेटियाँ न केवल हुनरमंद बनेंगी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकेंगी। ‘नव्या’ के अंतर्गत किशोरियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया 7 घंटे का एक अतिरिक्तप्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है, जो चार प्रमुख मॉड्यूल पर आधारित है पारस्परिक कौशल (स्वच्छता, आत्म-प्रस्तुति, संघर्ष-प्रबंधन), संचार कौशल (सक्रिय सुनना और प्रभावी संवाद), कार्यस्थल सुरक्षा ( पी0ओ0एस0एच0 और पी0ओ0सी0एस0ओ0 कानूनों की जानकारी), और वित्तीय साक्षरता (कमाई और खर्च का संतुलन व बुनियादी वित्तीय समझ)। यह प्रशिक्षण न केवल आजीविका के लिए, बल्कि समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए भी एक ठोस आधार देगा।