Sonbhadra News : महुली में मुकुट पूजन के साथ "नारद मोह" लीला का हुआ मंचन
महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर मंचित होने वाले श्रीरामलीला का शुभारंभ

सोनभद्र
1:20 PM, September 21, 2025
धर्मेंद्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र) । थाना क्षेत्र अंतर्गत महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान पर शनिवार को रामलीला में नारद मोह लीला का सजीव मंचन हुआ। इसमें नारद जी की तपस्या और भगवान विष्णु द्वारा उनके घमंड को चूर करने की कहानी दिखाई गई।
आरबीएस ग्राउंड पर रामलीला में कलाकारों ने नारद मोह लीला का सजीव मंचन किया। जिसे देख दर्शक हर्षित हो उठे। मंचन में कलाकारों ने दिखाया कि नारद जी तपस्या करने बैठ जाते हैं। उनकी घोर तपस्या से राजा इंद्र का सिंघासन हिलने लगता है। तब उनकी चिंता सताने लगती है।इंद्रदेव नारद जी की तपस्या की भंग करने के लिए सुन्दर अप्सराओं को भेजते हैं, पर वह अप्सराएं नारद की तपस्या को भंग नही कर पाती हैं। लीला में वह कामदेव को नारद की तपस्या भंग करने के भेजते हैं, पर कामदेव भी हर प्रकार का जतन करने के बाद भी तपस्या को भंग नही कर पाते हैं। तब नारद जी को इसी बात का घमंड हो जाता है। नारद के इस घमंड को चूर करने के लिए भगवान विष्णु शीलनगरी का निर्माण करते है और उसके राजा शीलनिधि को बनाते हैं। उनकी पुत्री के विवाह का आयोजन कराते हैं।नारद जी भी वहां पहुंचते हैं।
नारद भगवान विष्णु के पास पहुंच कर कहते हैं प्रभु एक दिन के लिए आप मुझे हरि का स्वरूप दे दो। भगवान विष्णु नारद के घमंड को चूर करने के लिए हरि अथार्त वानर का स्वरूप दे देते हैं। नारद जी जब उसी स्वरूप के साथ शीलनगरी पहुंचते ही तब वहां उनका उपहास उड़ाया जाता है, तब नारद जी वापस आ जाते हैं इस प्रकार भगवान विष्णु नारद जी का घमंड चूर कर देते हैं।
इस दृश्य के बाद जय श्रीराम के जयकारों से पूरा खेल मैदान गुंजायमान हो गया।
इसके पूर्व परम्परा के अनुसार मुकुट पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ हुआ।इस मौके पर वीरेंद्र चौधरी, सेकरार अहमद,समिति के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान अरविन्द जायसवाल, विंध्याचल कन्नौजिया, सत्यनारायण कन्नौजिया, वीरेन्द्र कुमार कन्नौजिया, दिलगज राम,राजनाथ गोस्वामी, विजेंद्र कुमार, पंकज गोस्वामी,राकेश कन्नौजिया समेत समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।




