Sonbhadra News : गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट का शिविर में वैदिक चिकित्सा पद्धति से गठिया, साइटिका व नसों के दर्द से पीड़ित दो दर्जन से अधिक मरीजों का हुआ उपचार
स्वस्थ समाज की स्थापना के उद्देश्य से गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का मंगलवार को समापन हो गया। शिविर में विभिन्न असाध्य रोगों से पीड़ित.......

मरीजों का इलाज करती डॉक्टर......
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10:38 AM, August 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । स्वस्थ समाज की स्थापना के उद्देश्य से गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का मंगलवार को समापन हो गया। शिविर में विभिन्न असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को प्राकृतिक एवं वैदिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार प्रदान किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की जानकारी लेने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श और उपचार का लाभ उठाया।
शिविर में विशेष रूप से दमन, गुजरात से आईं डॉ0 जान्हवी राज ने वैदिक पद्धति एवं फिजियोथेरेपी के माध्यम से गठिया, साइटिका तथा नसों में दर्द जैसी समस्याओं से पीड़ित दो दर्जन से अधिक मरीजों का उपचार किया। उपचार के दौरान मरीजों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के उपाय भी बताए गए।
डॉ0 जान्हवी राज ने कहा कि "नियमित रूप से प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाकर कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं में राहत प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के माध्यम से अगले महीने से 15 दिनों के लिए प्राकृतिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को उपचार का लाभ मिल सके।"
इस अवसर पर गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट के संस्थापक, अथर्ववेद धूपन चिकित्सा के अध्यक्ष एवं स्वावलंबी भारत अभियान के जिला समन्वयक रवि प्रकाश चौबे ने कहा कि "ट्रस्ट का उद्देश्य वैदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अगले महीने से विभिन्न वैदिक प्राकृतिक चिकित्सा विधियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को भी उपचार एवं राहत का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि सेवा तभी निरंतर और व्यापक रूप ले सकती है, जब समाज का सहयोग साथ हो। शिविर से लाभान्वित लोगों और समाज के अन्य लोगों से उन्होंने इस पुनीत कार्य में यथोचित योगदान और सहयोग करने की अपील की, जिससे प्राकृतिक चिकित्सा की यह सेवा लगातार बेहतर तरीके से संचालित होती रहे।"




