Sonbhadra News : मतदाता सूचि दुरुस्तीकरण को लेकर बैठक, SIR में विलोपित मतदाताओं का घर -घर जाकर सत्यापन करेंगे BLO - एसडीएम
विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग सक्रिय, मतदाता सूची दुरुस्त करने के लिए दुद्धी में एसडीएम ने कसी बीएलओ की कमर

sonbhadra
7:12 PM, October 11, 2026
विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग सक्रिय, मतदाता सूची दुरुस्त करने के लिए दुद्धी में एसडीएम ने कसी बीएलओ की कमर
• हर हाल में त्रुटिहीन बनेगी वोटर लिस्ट: एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने तहसील सभागार में बुलाई समीक्षा बैठक
• युवाओं की भागीदारी पर जोर: 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर नए मतदाता का भरा जाएगा फॉर्म-6
• विलोपित नामों का होगा दोबारा सत्यापन: घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने के सख्त निर्देश
दुद्धी (सोनभद्र)।उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पूरी तरह सक्रिय हो गया है। आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को पारदर्शी और शत-प्रतिशत सटीक बनाने के लिए दुद्धी तहसील सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अशोक कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में तहसील क्षेत्र के सभी सुपरवाइजरों और बूथ लेवल अधिकारियों ([BLO]) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
नए मतदाताओं को जोड़ना प्रशासन की पहली प्राथमिकता-
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक स्वच्छ और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि 1 जनवरी 2027 (या आयोग द्वारा निर्धारित अर्हता तिथि) तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी युवाओं को चिन्हित किया जाए। बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने मतदेय स्थलों के अंतर्गत आने वाले गांवों और टोलों का सघन दौरा करें और ऐसे सभी पात्र युवाओं से अनिवार्य रूप से फॉर्म-6 भरवाएं, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में युवाओं की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
विलोपित (हटे हुए) नामों का होगा घर-घर भौतिक सत्यापन-
एसडीएम ने हाल ही में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हवाला देते हुए विलोपित नामों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि मतदाता सूची से जिन भी नागरिकों के नाम किसी कारणवश विलोपित या हटाए गए हैं, बीएलओ उनके घरों पर स्वयं जाकर पुनः भौतिक सत्यापन करें। यदि जांच में कोई वास्तविक और पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित पाया जाता है, तो उसे आवश्यक दस्तावेज लेकर फॉर्म-6 के माध्यम से दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
लापरवाही बरतने वाले बीएलओ पर होगी सख्त कार्रवाई-
समीक्षा बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सभी बीएलओ को समयबद्ध तरीके से डेटा सत्यापन और फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन निर्धारित समय पर किया जा सके। बैठक में तहसील प्रशासन के अधिकारियों सहित भारी संख्या में बीएलओ और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।




