शिक्षकों ने बताया कि इनके अतिरिक्त 12 अन्य महत्वपूर्ण मुद्राएं भी हैं, जो मानव शरीर को निरोगी रखने में मदद करती हैं। सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि CISF के उप कमांडेंट आनंद जी ने पतंजलि परिवार की सराहना की। उन्होंने कहा योगी वीरेंद्र जी का योग के प्रति समर्पण पूरी तरह अनुकरणीय है। यहाँ सभी साधकों को एकरूपता के साथ योग करते देखना बेहद सुखद अनुभव है। जैसा निर्देश शिक्षक देते हैं, वैसा ही क्रमशः करने से शरीर को पूरा लाभ प्राप्त होता है। यह योग प्रशिक्षण शिविर बहुत ही सुंदर, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो रहा है। मैं पतंजलि परिवार के सभी सदस्यों और प्रभारियों को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। 21वें दिन के इस विशेष सत्र को सफल बनाने में पतंजलि के वरिष्ठ योग शिक्षकों और साधकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। योग शिक्षक व भाई लालजी, देवेश कुमार सिंह, बबलू प्रजापति, राजकुमार मास्टर, प्रमोद तिवारी, रामाकांत, राजेश शर्मा, राजाराम सिंह, घनश्याम सिंह, अरुण, कृष्ण कुमार। महिला विंग/बहनें मंजू देवी, उर्मिला, रेनू, पार्वती, सुखिया, रंजना पांडेय, सुभाषा सहित भारी संख्या में स्थानीय योग साधक उपस्थित रहे।