Sonbhadra News : आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लटकता मिला ताला, ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं का नहीं मिल रहा लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जाता है। शासन ने सभी सीएचओ व एएनएम को मौके पर रहकर आरोग्य मंदिर में सेवाएं देने....

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9:59 PM, November 28, 2025
आनन्द कुमार चौबे/रमेश/राजा (संवाददाता)
सोनभद्र । ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जाता है। शासन ने सभी सीएचओ व एएनएम को मौके पर रहकर आरोग्य मंदिर में सेवाएं देने का निर्देश दिए हैं। हालांकि जिम्मेदारों की लापरवाही से शासन की यह मंशा धरातल पर फेल होती नजर आ रही है। ताज़ा मामला जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर बभनी विकास खंड के गोहड़ा ग्राम पंचायत का है, जहाँ बने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बुधवार और शनिवार को छोड़कर ताला नहीं खुलता है। इसके चलते ग्रामीणों को ख़ासकर गर्भवती महिलाओं को इलाज और प्रसव के लिए वहाँ से 35 किमी दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी जाना पड़ता है।
अक्सर लटकता रहता है ताला -
ग्रामीणों आंचल के लोगों को छोटी परेशानी होने पर उनको शहर तक न जाना पड़े उन्हें गांव में ही रहकर समुचित इलाज मिल सकें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में ही उप स्वास्थ्य केन्द्र बनावाए थे, जिन्हें सरकार ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का नाम दे दिया है लेकिन उसके बाद भी व्यवस्थाएं सुधर नहीं रही है। महीने के कुछ दिनों को छोड़ दें तो इन स्वास्थ्य मंदिरों पर ताला ही लटकता रहता है। आज ज़ब जनपद न्यूज़ live की टीम दोपहर एक बजे जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूर बभनी विकास खंड के गोहड़ा गाँव पहुँची तो वहाँ आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ताला लटकता मिला। उस आरोग्य मंदिर में तैनात एएनएम से ज़ब बात करने के लिए फोन मिलाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार और शनिवार को छोड़कर ये आरोग्य मंदिर बंद ही रहता है।
इलाज के लिए भटकने को विवश ग्रामीण -
स्थानीय निवासियों विंध्याचल कन्नौजिया, मुकेश कुमार, दुलार चंद यादव आदि का कहना है कि छोटी-मोटी बीमारियों के लिए उन्हें या तो झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है या फिर 35 किमी दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी का का रुख करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बुधवार और शनिवार को छोड़कर शेष अन्य दिनों पर यहाँ ताला ही लटकता है।
आरोग्य मंदिर पर इन्हें मिलता है इलाज -
आरोग्य मंदिर मुख्य रूप से एक उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जो लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करता है, जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संचारी और गैर-संचारी रोगों का उपचार, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और आपातकालीन देखभाल शामिल है. आरोग्य मंदिरों में आवश्यक दवाओं और नैदानिक सेवाओं की सुविधा भी मुफ़्त प्रदान की जाती है. मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य देखभाल के साथ-साथ स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए अलग जगह की सुविधा भी उपलब्ध होती है. लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और सहयोग बढ़ाने के लिए आरोग्य मंदिरों में कल्याण गतिविधियां और स्थानीय उत्सव आयोजित किए जाते हैं।
क्या बोले जिम्मेदार -
वहीं पुरे मामले पर ज़ब मुख्य चिकित्साधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बताया।



