Sonbhadra News : अयोध्या में लेखपाल पर एंटी करप्शन टीम की कार्यवाही से भड़के लेखपाल, कार्य बहिष्कार कर दिया धरना
अयोध्या में एंटी करप्शन टीम द्वारा लेखपाल के खिलाफ की गई ट्रैपिंग कार्यवाही के विरोध में आज रॉबर्ट्सगंज तहसील में लेखपालों ने तहसील समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन......

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1:40 PM, August 22, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अयोध्या में एंटी करप्शन टीम द्वारा लेखपाल के खिलाफ की गई ट्रैपिंग कार्यवाही के विरोध में आज रॉबर्ट्सगंज तहसील में लेखपालों ने तहसील समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में जुटे लेखपालों ने ट्रैपिंग कार्यवाही को अनैतिक और सुनियोजित बताते हुए विरोध जताया। लेखपाल संघ ने प्रदर्शन के बाद सदर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर एंटी करप्शन टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों के बीच राजस्व कार्यों के साथ शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों में इस तरह की कार्रवाई से भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। लेखपाल संघ का आरोप है कि अयोध्या में हुई कार्यवाही में संबंधित लेखपाल को गलत तरीके से ट्रैप किया गया।
वहीं रॉबर्ट्सगंज तहसील अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि "लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम कठिन परिस्थितियों के बीच शासन की योजनाओं और राजस्व कार्यों को पूरा करते हैं। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत आती है तो निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्दोष कर्मचारी को सुनियोजित तरीके से ट्रैप करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई नैतिक और विधिसम्मत नहीं थी। ऐसी कार्यवाही से न सिर्फ कर्मचारी की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि उसके परिवार को भी मानसिक और सामाजिक परेशानी झेलनी पड़ती है।"
तहसील मंत्री साजिद खां वारसी ने आरोप लगाया कि "सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना स्पष्ट दिखाई देती है। उनके मुताबिक फुटेज से यह साफ होता है कि एंटी करप्शन टीम ने कूटरचित तरीके से लेखपाल को ट्रैप किया। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी ने रिश्वत नहीं ली और उसके हाथों में जबरन रुपये रखे गए, तो यह गंभीर मामला है। ऐसे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।"
वहीं लेखपाल सुनीता चौहान और रेशमा सिंह ने कहा कि "महिला लेखपाल भी पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ कई-कई गांवों के राजस्व दायित्वों का निर्वहन करती हैं। गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने से लेकर राजस्व संबंधी कार्यों को समय पर पूरा करने तक वे लगातार फील्ड में काम करती हैं। ऐसे में यदि ड्यूटी के दौरान कूटरचित तरीके से की गई ट्रैपिंग कार्यवाही का भय बना रहे तो महिला कर्मचारियों के लिए भी काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हम भी महिलाएं हैं और परिवार की जिम्मेदारियां हैं। कई-कई गांवों का दायित्व संभालते हुए पूरी ईमानदारी से काम करते हैं लेकिन इस तरह की घटनाएं हमारे भीतर डर पैदा कर रही हैं कि कहीं काम करते समय हमें भी गलत तरीके से न फंसा दिया जाए। महिला लेखपालों ने मांग की कि कर्मचारियों को भयमुक्त वातावरण में काम करने का अवसर मिले और किसी भी शिकायत पर कार्यवाही से पहले निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।"
लेखपाल संघ ने लेखपाल पर कूटरचित और अनैतिक तरीके से ट्रैपिंग की कार्यवाही के विरोध में सम्बन्धित एंटी करप्शन टीम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्यवाही की माँग की।
इस दौरान श्री भगवान, पंकज, मनीष सिंह, अनिल सिंह, वंदना, रेशमा, कल्पना, रूबी, संजीव सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।




