राजा (संवाददाता)
अमवार, सोनभद्र। प्रदेश के महत्वपूर्ण परियोजना मे से एक कनहर सिचाई परियोजना अमवार कई वर्षों के उतार चढ़ाव के बाद अब अपने निर्माण कार्य के अंतिम चरण मे पहुँच गया है| परियोजना जैसे जैसे पुर्ण होने के अंतिम समय मे है, वैसे ही परियोजना निर्माण मे कनहर बांध के डूब गाँव के ग्रामीणों के प्रति अनियमितता उजागर होने शुरू हो गये| कही प्रपत्र 6 मे नाम होते हुए , विस्थापन सुची मे नाम नही जोड़ना तो कही डूब क्षेत्र के सीमांकन के अन्तर्गत होते हुए मुल सुची से बाहर रखना|अभी आपको बता रहे है भीसूर गाँव के रंदह टोला निवासी लल्लू प्रसाद, रविन्द्र, महेन्द्र, इंद्रदेव,धर्मजीत,श्यामदेव, सोनू, अनिल सहित अन्य ने बताया कि सिचाई विभाग के द्वारा किये गये डूब क्षेत्र सीमांकन सर्वे के अन्तर्गत हम सभी के लगभग 2 हेक्टेयर भूमि व मकान है लेकिन हम सभी को मुल विस्थापन सुची से ही बाहर कर दिया गया| हम लोगो ने कई बार अधिकारी से नाम जोड़ने का आग्रह किया लेकिन टालमटोल करते रहे| जिसकी शिकायत कुछ माह पहले लल्लू भुईया ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर किया था, जिसके जांच के लिये मौके पर लेखपाल गये और बताया गया कि लल्लू सहित अन्य परिवार की जमीन व मकान कनहर डूब क्षेत्र के पीलर के अंदर है इन्हें मुआवजा क्यों नही दिया गया सिचाई विभाग ही बताये गे| जांच मे यह भी बताया गया कि इनका मकान 60 से 70 वर्ष पहले का बना हुआ है| लेखपाल द्वारा जांच रिपोर्ट की माने तो सिचाई विभाग के लापरवाही के कारण कई डूब क्षेत्र के गरीब परिवारों को सब कुछ खोने के बाद भी विस्थापन पैकेज का लाभ नही मिल पाया है|