Sonbhadra News : चोपन के लाल विकास चंद्र पांडेय बने असिस्टेंट कमिश्नर, बढ़ाया जनपद का मान
नगर के गौरव नगर निवासी विकास चंद्र पांडेय ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 2024 की परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर (उद्योग) के पद पर चयनित होकर पूरे जनपद का मान बढ़ाया है।

sonbhadra
4:45 PM, March 30, 2026
घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)
चोपन (सोनभद्र) । चोपन के होनहार युवाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। नगर के गौरव नगर निवासी विकास चंद्र पांडेय ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 2024 की परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर (उद्योग) के पद पर चयनित होकर पूरे जनपद का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
उपलब्धियों से भरा रहा है सफर
अजय कुमार पांडेय के पुत्र विकास चंद्र पांडेय वर्तमान में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में राजपत्रित अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले भी वे संघ लोक सेवा आयोग की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हुए अब उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
रेलवे स्कूल से IIT बॉम्बे तक का सफर
विकास की प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय रेल कर्मचारी इंटर कॉलेज से हुई, जहां से उन्होंने अपने सपनों को आकार देना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे से एम.टेक की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी जारी रखी, जिसका परिणाम आज सामने है।
नगरवासियों में खुशी की लहर
विकास के चयन की खबर मिलते ही उनके निवास स्थान गौरव नगर सहित पूरे चोपन क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे सोनभद्र जनपद का नाम रोशन किया है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
स्थानीय निवासी का कहना है कि विकास की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण यह दर्शाता है कि छोटे शहरों के विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा के दम पर बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।




