Sonbhadra News : लाखों लोग झेल रहे आरओबी निर्माण की मार, जनता की सुधि लेने सांसद नहीं पहुंचे एक बार
रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के कारण शहर की सड़कों पर कीचड़, मिट्टी और जाम का ऐसा आलम है कि आमजन का निकलना तक मुश्किल हो गया है। रोजाना सैकड़ों लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं, पैदल चलने......

सांसद छोटेलाल खरवार.....
sonbhadra
9:56 AM, July 30, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के कारण शहर की सड़कों पर कीचड़, मिट्टी और जाम का ऐसा आलम है कि आमजन का निकलना तक मुश्किल हो गया है। रोजाना सैकड़ों लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं, पैदल चलने वालों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है और व्यापारियों का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
रॉबर्ट्सगंज रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के चलते शहर की जनता पिछले कई सप्ताह से जाम, कीचड़, टूटी सड़कों और अव्यवस्थित यातायात की दोहरी मार झेल रही है। रोजाना हजारों लोग घंटों जाम में फंस रहे हैं, व्यापारी कारोबार प्रभावित होने की शिकायत कर रहे हैं और स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इन तमाम परेशानियों के बीच क्षेत्रीय सांसद छोटेलाल खरवार का अब तक मौके पर न पहुंचना स्थानीय लोगों में नाराजगी का कारण बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सवाल भी उठाया कि क्या पैरों में कीचड़ लगने की डर से सांसद मौके पर जनता की सुधि लेने नहीं आई या कारण कुछ और है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज जैसी बड़ी परियोजना में रेलवे और केंद्र सरकार की अहम भूमिका होती है। ऐसे में जनता को उम्मीद थी कि सांसद स्वयं मौके पर पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय कराएंगे लेकिन अब तक ऐसा होता दिखाई नहीं दिया।
दूसरी ओर, सदर विधायक भूपेश चौबे लगातार निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते नजर आए हैं। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के सामने समस्याएं उठाईं और समाधान की मांग की। इसके विपरीत सांसद की अनुपस्थिति को लेकर न सिर्फ रेलवे फाटक बल्कि प्रभावित क्षेत्रों के चट्टी चौराहों पर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
वहीं लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जनता के बीच सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधियों की असली परीक्षा संकट के समय होती है। लोगों का सवाल है कि जब पूरा शहर आरओबी निर्माण की अव्यवस्था से जूझ रहा है, तब क्षेत्र के सर्वोच्च निर्वाचित प्रतिनिधि आखिर जनता के बीच क्यों नहीं दिख रहे हैं?
"बहरहाल आरओबी निर्माण विकास की परियोजना है, लेकिन विकास के नाम पर यदि लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है तो ऐसे में सांसद की भूमिका केवल उद्घाटन या शिलान्यास तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब लाखों की आबादी आरओबी निर्माण की अव्यवस्था से जूझ रहा है, तब प्रभावित लोग सांसद से उम्मीद कर रहे थे कि वह जनता के बीच पहुंचकर जिलाधिकारी, रेलवे प्रशासन और निर्माण एजेंसी के बीच समन्वय स्थापित कर राहत दिलाने का प्रयास करेंगे लेकिन लगभग निर्माण कार्य शुरू होने के एक माह बाद भी परेशानियों में सांसद को अपने बीच न पाकर लोगों में नाराजगी दिख रही है।"




