Sonbhadra News : जुगैल ग्राम प्रधान ने उठाया आनंद खरवार का मामला, बिना नेटवर्क एंबुलेंस न आने पर जच्चा-बच्चा की हुई थी मौत
इसका मुख्य कारण जुगैल नेटवर्क विहीन होना है। प्रधान ने लिखा कि मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से 108 एम्बुलेंस को फोन नहीं लग पाता, एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँचती ।

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1:40 PM, October 2, 2026
- ग्राम प्रधान ने किया बड़ा खुलासा, कहा- बिना नेटवर्क की नहीं बुला पा रहे एंबुलेंस
- बिना एंबुलेंस के कई माताओं की हो चुकी है मौत
- मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की मुवावजा की मांग
- आज तक आनंद खरवार के चौखट नहीं पहुंचे समाज के मंत्री-सांसद
शांतनु कुमार/घनश्याम पाण्डेय
जुगैल (सोनभद्र)। केंद्र सरकार के 12 साल और उत्तर प्रदेश सरकार के लगभग 10 साल होने को हैं लेकिन सोनभद्र के जुगैल इलाके के लोग आज भी नेटवर्क से दूर हैं। योगी सरकार और उनके मंत्री पिछले दस सालों से डबल इंजन की सरकार में विकास कार्य का दावा करते बिता दिये मगर जुगैल आज भी नेटवर्क से दूर है।
पिछले 13 सितंबर की रात आनंद लाल खरवार के लिए काली रात थी, जब उसकी गर्भवती पत्नी सुनीता खरवार की मौत महज इसलिए हो गयी क्योंकि नेटवर्क न होने के कारण एंबुलेंस नहीं बुला सका और इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत हो गयी।
हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी आज तक आनंद खरवार के चौखट पर न प्रशासन का कोई अधिकारी पहुंचा और ना ही उनके समाज से आने वाले मंत्री और सांसद । लेकिन इसी बीच ग्राम प्रधान ने इस मामले को उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है । जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए इस पत्र में ग्राम प्रधान सुनीता यादव ने लिखा है कि ग्राम पंचायत के वार्ड नं. 5 की सदस्य सुनीता खरवार पत्नी आनंद लाल खरवार, निवासी ग्राम जुगैल टोला बहेराडाढ़ का 13 सितंबर को रात्रि 2 बजे प्रसव के दौरान निधन हो गया, साथ ही नवजात शिशु का भी निधन हो गया। इसका मुख्य कारण जुगैल नेटवर्क विहीन होना है। प्रधान ने लिखा कि मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से 108 एम्बुलेंस को फोन नहीं लग पाता, एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुँचती । इस कारण उसके गाँव में प्रसव के दौरान आये दिन माताओं की मौतें होती रहती हैं।
उन्होंने मृतका के पति आनंद लाल खरवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना/पारिवारिक लाभ योजना से आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की मांग की है। साथ ही जुगैल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक 108 एम्बुलेंस स्थायी रूप से तैनात करने का भी मांग किया गया है।
कुल मिलाकर आनंद खरवार को इस बात का मलाल जरूर है कि अधिकारी नहीं पहुंचे कोई बात नहीं मगर उनके समाज से आने वाले मंत्री और सांसद तक सुधि नहीं लिए । आनंद का मानना है कि शायद जनप्रतिनिधियों के पास अब कोई जबाब नहीं है ।




