Sonbhadra News :निजी स्कूलों की मनमानी, सेटिंग के तहत किताब और ड्रेस बिक्री की शिकायत पर संयुक्त टीम का छापा, खुल गई पोल
निजी स्कूलों से किताब और ड्रेस बिक्री की शिकायत पर संयुक्त टीम का छापा, खुल गई पोल

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8:49 PM, April 1, 2026
निजी स्कूलों से किताब और ड्रेस बिक्री की शिकायत पर संयुक्त टीम का छापा, खुल गई पोल
दुद्धी, सोनभद्र।जिले के दुद्धी तहसील मुख्यालय पर निजी स्कूलों द्वारा किताब और ड्रेस आदि स्कूल या किसी एक निर्धारित दुकान से बिक्री की शिकायत कों गंभीरता से लेते हुए डी एम द्वारा गठित संयुक्त टीम ने दुद्धी में निजी स्कूलों की छापमारी की। जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुलदेव पाण्डेय की संयुक्त टीम ने दुद्धी क्षेत्र में निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद, विभाग ने क्षेत्र के समस्त प्राइवेट विद्यालयों में स्कूली ड्रेस और किताबों की बिक्री को लेकर औचक निरीक्षण और जांच शुरू कर दी है।बुधवार को अचनाक दुद्धी टीम पहुंची तो निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गई।टीम ने सबसे पहले एक बुक स्टॉल पर पहुंची जहाँ कई स्कूलों की लिस्ट मिली जिसे लेकर जेम्स स्कूल पहुंची जहाँ बेसिक की मान्यता पर सीआईएससीई बोर्ड की किताबें देखकर कर आश्चर्यचकित रह गई। इसके बाद टीम ने स्कूल फी का मिलान किया जिसमें एडमिशन फी हजारों रूपये देख कर कड़ी नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी कर चेतावनी दी हैं कि अगर स्कूल से या किसी भी दुकान से किताब और ड्रेस की बिक्री की शिकायत मिली तो मान्यता समापन की कार्यवाही की जाएगी, इसके बाद टीम द्वारा रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक स्कूल की छापमारी की गई जहाँ निर्धारित किताबों के अलावा अन्य प्रकाशन की लिस्ट देखकर चेतावनी जारी की।छापमारी एवं जाँच के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रधान लिपिक कमलेश यादव, जिला बेसिक कार्यालय लिपिक अरविन्द,एसडीआई प्रेम शंकर राम,जीआईसी प्रधानाचार्य अजय सिंह सहित अन्य मौजूद रहें।
किताबों और ड्रेस का दबाव: कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा उन पर खास दुकानों से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है।
नियमों का उल्लंघन: शिक्षा विभाग के कड़े निर्देशों के बावजूद, कई स्कूल परिसर के भीतर ही व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे, जो कि नियमों के विरुद्ध है।
जांच का दायरा: शिक्षा विभाग की टीम ने दुद्धी के विभिन्न निजी स्कूलों का दौरा किया और उनके स्टॉक रजिस्टर तथा वितरण प्रणाली की जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी विद्यालय किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।



