Sonbhadra News : जांच ठप, इलाज ठप ! 14 घंटे से बिजली गुल होने से मेडिकल कॉलेज बना 'मुसीबत घर'
प्रदेश सरकार भले ही हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। जनपद सोनभद्र के मेडिकल कॉलेज में बिजली विभाग और........

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3:57 PM, April 29, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रदेश सरकार भले ही हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। जनपद सोनभद्र के मेडिकल कॉलेज में बिजली विभाग और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने व्यवस्था की पोल खोल दी है, जहां भीषण गर्मी में मरीजों को इलाज के बजाय अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के सी ब्लॉक में आधी रात से बिजली आपूर्ति ठप होने से मरीजों और तीमारदारों का हाल बेहाल हो गया। सबसे ज्यादा असर दंत रोग विभाग और पैथोलॉजी सेवाओं पर पड़ा, जहां बिजली न होने से न तो उपकरण चल सके और न ही समय पर जांच हो पाई। ब्लड जांच बाधित होने से मरीजों के इलाज में देरी हो रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। भीषण गर्मी में बिना पंखे और कूलिंग के मरीजों को रात गुजारनी पड़ी, जिससे कई मरीजों की हालत बिगड़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है 7कि न तो अस्पताल प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की और न ही बिजली विभाग ने आपूर्ति बहाल करने में तत्परता दिखाई। सवाल यह उठता है कि जब मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण संस्था में ही बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, तो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे आखिर कितने सच्चे हैं।
रॉबर्ट्सगंज निवासी सूरज मिश्रा ने गुस्से में कहा कि "रात से बैठे हैं लेकिन अब तक ब्लड रिपोर्ट नहीं मिली। बिना जांच के इलाज कैसे होगा? ये सीधा-सीधा मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।"
ओबरा निवासी वकील साव ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अपनी मां की जांच कराने आए थे लेकिन बिजली नहीं होने से सारे कार्य ठप हैं इसलिए बगैर जांच कराए ही वापस लौट रहे। जब मेडिकल कॉलेज में ही बिजली का भरोसा नहीं, तो फिर आम अस्पतालों का क्या हाल होगा? जिम्मेदार सिर्फ कुर्सी तोड़ रहे हैं।”
मिर्जापुर-खटखरिया निवासी सुभाष यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी जांच नहीं हो पा रही। मशीनें बंद पड़ी हैं और मरीज तड़प रहे हैं, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ रहा।”
रॉबर्ट्सगंज निवासी आनन्द कुमार त्रिपाठी ने तीखा हमला बोलते हुए बताया कि “यह मेडिकल कॉलेज नहीं, लापरवाही का अड्डा बन गया है। बिजली का बैकअप तक नहीं है, यह शर्मनाक है।”
सलखन निवासी गुड़िया ने बताया कि “वह अपनी जांच कराने आई थी लेकिन हॉस्पिटल में बिजली नहीं होने का हवाला देकर ब्लड लेने से इंकार कर दिया गया, इसलिए अब वापस घर लौट रहीं हैं।"
रॉबर्ट्सगंज निवासी रविकांत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “बिजली विभाग और अस्पताल प्रशासन दोनों जिम्मेदार हैं।अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो यह मामला बड़ा आंदोलन बन सकता है। मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा।”
वहीं सह आचार्य एवं विभागाध्यक्ष (MDS) डॉ0 ज्योति अग्रवाल ने बताया कि "बिजली और पानी की जो भी समस्या आ रही है, उसे जल्द से जल्द दुरुस्त करवाने का प्रयास किया जा रहा है साथ ही बिजली के वैकल्पिक व्यवस्था के लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से बात की गई है।"




